नाभि हमारे शरीर का मुख्य अंग है चिकित्सा विज्ञान में इसको कम महत्व दिया जाता है।इसी कारण से बहुत से लोग चिकित्सक की पहचान में नहीं आते हैं। वे संदेह के आधार पर दवा दे ते रहते हैं लेकिन मरीज को कुछ भी भर आराम नहीं मिलता है। डाक्टर तापमान बढ़ने के कारण एन्टीपायरेटिक दवा दे कर ,कह देते हैं, बुखार है उतर जायेगा। परन्तु यह धीरे-धीरे गम्भीर रूप धारण करता जाता है।
इसके लक्षण चार प्रकार के है तथा उदर जनित ज्यादा तर रोगों का कारण नाभि सरकने के कारण होता। अच्छी तरह डायग्नोसिस न होने बाद में क्रोनिक समस्या बन जाती है। इसके कारण सिस्टम में अवरोध पैदा हो जाती है। अंत में छेद तक हो जाते हैं। यह समझने के लिए क्रमबद्ध तरीके से विश्लेषण करना ज़रूरी है।
यहां मैं संक्षेप में बता रहा हूं कि नाभि ऊपर खिसकने के कारण शरीर में कब्ज की शिकायत पहला लक्षण होता है। उसके बाद शरीर में भारीपन के साथ में कमर दर्द होता है बाद में लिवर के हिस्से में दर्द रहने लगता है। पीलिया की शिकायत हो जाती है। बाद में गम्भीर दशा धारण कर लेता है।
यदि नीचे खिसका जाती है तो लूज मोशन हो जाते हैं। छोटी व बड़ी आंत कमजोर हो जाती है। पाचन क्रिया कमजोर हो जाती है। यदि बाई या दाई साईड में सरक जाती है तो किडनी खराब हो जाती है।
इसके सही जगह पर लाने को कई तरीके हैं । सही करने के समय कुछ सैकंड के लिए यहां भयंकर दर्द हो सकता है। परन्तु जैसे ही अपने स्थान पर आ जाती है दर्द एकदम से गायब हो जाता है। इसमें मैं दो तरीके बता रहा हूं। इनमें किसी दूसरे की मदद ले ने की जरूरत नहीं होती है। आप अकेले ही अपने स्थान पर ला सकते हो। तथा अपनी आंखों से चैक कर सकते हो।
पहला तरीका है । फर्श पर चटाई बिछाकर कर लेट जाओ। दोनों हाथ शरीर के साथ रखें। दोनों पांव एक दूसरे के साथ सके हुए हो। अब देखना है की किस और सरकी हुई है। यदि बाई ओर सरकी हो तोतो दायां पैर, यदि दाई ओर सरकी तो बांया पैर को से सही करना है। यह देखने के लिए कि नाभि किस ओर है आपको अपने शरीर की मिडियन लाइन को देखना है। यह हर शरीर में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। नाभि के ऊपर ध्यान दें जाये हलके रोयेंदार यह लाइन साफ बता देगी कि किस तरफ सरकी हुई है।
माना दाई तरफ सरक गई है। तो बातें पैर के ही पंजे को पगथली की ओर जोर से दबाते ताकि पैर के टेंडन में क्रेम्प पड़ जाये। कुछ सैकेंड दर्द को बाद अपने-आप समाप्त हो जायेगा । देखना मध्य लाइन नाभि के मध्य भाग में आ गयी हैं। नाभि के नीचे की लाइन भी उसकी सीधी लाइन में हो। यदि मध्य लाइन एक सीन में है तो आप दोनों पैरों को एक साथ में पंजे मिले हुए होने चाहिए, सीधे खड़े हो जाएं। तत्पश्चात कुछ खा ले ताकि वापस न सरक जाये। यह क्रिया तब तक करते रहना है जब तक, नाभि अपनी जगह पर स्थिर न हो जाये।
दूसरा तरीका है बहुत ही आसान लेकिन आपको दर्द कई देर तक सहना पड़ेगा। इसमें आपने अपने रोज मरा के काम आने वाले जूते का प्रयोग करना है। दोनों पैरों में जूते पहन ले , फिर जिस ओर नाभि सरकी है उससे दूसरी तरफ़ के पैर की पगथली के नीचे अपनी जुराब को रोल बना कर डाल लें ताकि नाभि सरकने के कारण फ्लैट फुट के समान हुए पैर को सही आकार में लाये। कुछ देर इधर उधर पहले आपको इसमें दर्द तो लगा यार होगा परन्तु कम होता जायेगा। जब दर्द कम हो जाये तो जूते निकाल दे। नाभि देखें कितनी सरकी है इसे आदत बना लीजिए। आपकी नाभि कभी नहीं सरकेगी। यह मेरी गारंटी है। आप पेट ही नहीं ज्यादा तर बिमारियों से छुटकारा पा लोगे।
अपने शरीर पर स्वयं प्रयोग करें। लेख कैसा लगा। आमजन के लिए फायदेमंद रहेगा। अपनी प्रतिक्रिया अवश्य लिखना।