मई का महीना व सूर्य देव के तेज ने मौसम को काफी गर्म बना दिया है। जैसे गर्मा गर्म खाना खाने से मुंह जल जाता है,उसी प्रकार शरीर भी तेज गर्मी से झुलस जाता है। गर्मी के इस प्रकोप से बचने के लिए हमें हतीहात बरतनी चाहिए। अधिक गर्मी के समय घर पर रहने की कोशिश करनी चाहिए। लेकिन काम पर जाने वाले लोगों को तो जाना ही होगा
अत: अपने बचाव के लिए घर में सामान उपलब्ध अवश्य करवा लें। आपके पास छाता, सिर ढकने को कपड़ा, पानी की बोटल जरुर साथ में रखें।सिर को कपड़े से ढक कर रखें। समय समय पर पानी पीते रहे। शरीर में पानी की कमी न होने दे। शरीर में लवण तत्वों की पूर्ति के लिए, पानी में नमक व चीनी मिला कर साथ ले।
किसी भी इमरजेंसी के लिए उपाय जरूर जानने चाहिए। ताकि अकेले होने पर अपने आप को सम्भाल सके। चक्कर आने की स्थिति में तुरन्त बैठ जायें। नहीं तो गिरने पर चोट लग सकती है।
गर्मी में पसीना अधिक आता है इससे चेहरे पर धूल मिट्टी जमने के कारण किल, मुहांसों की समस्या हो जाती है। अतः चेहरे को साफ रखें व कपड़े से ढक कर रखें। चेहरे पर नींबू के छिलके को रगड़ कर चेहरे की त्वचा को साफ रखें।
सिर दर्द होने के अवस्था में नींबू का शरबत पिये। सफेद रंग के कपड़े पहने। खुले कपड़े होने से गर्मी कम लगती है। टाइट कपड़ों का प्रयोग कम कर दें। जूतों की बजाय चप्पलों का प्रयोग करें। ताकि परों की गर्मी सिर में चढ़ कर , माइग्रेन की समस्या पैदा न कर दे। पैदल चलने की कोशिश कम करें।
अपना ख्याल रखिए व स्वस्थ रहिए।
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