मनुष्य को बहुत सी परेशानी उसकी ग़लत आदतों व रहने सहन के तरीकों की वजह से है। कुछ होने की आदतों में सुधार करके मनुष्य को अपना शरीर स्वस्थ रखने में बहुत मदद मिलती है। जैसे
मनुष्य अपने सारे दिन के क्रिया कलापों का मंथन करना चाहिए। कुछ ग़लत हो गया हो तो परमात्मा से क्षमा दान मांग कर प्रायश्चित करें।
सोने से पहले हाथ, मुंह, व दातुन करके सोना चाहिए।
चारपाई शरीर का तापमान सामान्य रखने व शरीर के प्रेशर स्थलों पर अक्यूप्रेशर के दबाव के लिए रस्सियों से भरी चारपाई पर सोना चाहिए, यह एयरकंडीशन का काम भी करती हैं।
चारपाई ढिल्ली नहीं हो नहीं चाहिए। नहीं तो कमर दर्द की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
सिरहाना दक्षिण या पूर्व दिशा में होना चाहिए ताकि आपके पूर्वज आपको आशिर्वाद दे सके तथा चुम्बकीय प्रभाव का मस्तिष्क पर सही प्रभाव पड़े व हमारा नर्वस सिस्टम ठीक ठाक काम करता रहे।
सोते समय सीधा या बाईं करवट ही सोना चाहिए। ताकि आपके हृदय पर दबाव पड़ता रहे व उसकी दबाव सहन करने की आदत बन जाये तथा भविष्य में हार्ट अटैक के चांस समाप्त हो सके।
मुंह ढक कर कभी न सोये, इससे श्वसन क्रिया में बाधा आती है तथा बैचेनी बढ़ जाती है।।
परमात्मा को अपने सारे दिन के कार्यों का लेखा सौप देना चाहिए, बाकी ऊपर बारे की मर्जी अपना कार्य कभी करें। जीवन का एक दिन अच्छा या बुरा बीता हो तो भी भगवान का शुक्रिया अवश्य अदा करें।
इसी के साथ सभी को शुभ रात्रि,चैन की नींद सोते। सभी का शुक्रिया जो दुनिया की हर वस्तु स्थिति समझने का पाठ पढ़ाने के लिए।
