योगासन व प्राणायाम शरीर को स्वस्थ व तनाव मुक्त रखने का एक बेहतरीन विकल्प है। जिसमें आपका समय के सिवाय कुछ खर्च नहीं होता है।
योगासन किसी अच्छे शिक्षक की देखरेख में ही करें। एक बार सिखने के बाद तो जिस समस्या का मैं उल्लेख करने जा रहा हूं बहुत कम चांस होते हैं लेकिन होते अवश्य है। अतः सावधान होकर योग सीखिये। कहीं ठीक होने की जगह बिमारी को ग्रहण न कर ले।
जब हम योग करते हैं तो शरीर के मुड़ने व सीधा होने के समय हमारा श्वसन तंत्र सही से व आपके नियंत्रण में होना चाहिए। आपका ध्यान कहीं नहीं भटकना चाहिए। शरीर को जब हम आगे झुक कर हाथों को पांवों से स्पर्श करने की क्रिया करते हैं तो हमारी सांस हमें धीरे धीरे छोड़नी चाहिए। जब सीधे खड़े होते समय धीरे धीरे सांस अंदर खींचें श्रऔर सीधा खड़े हो जाएं।
यदि हमारा ध्यान थोड़ा सा भी भटक गया तो सांसों की लय बिगड़ जाती है। यदि नीचे जाते समय सांस खींच ली तो, ययययआपको ऐसी बिमारी पैमक्षक्षक्षययदा हो यक्षृक्षक्षश्रृक्षजाएगी जिसका इलाज बहुत ृणश्रक्षश्रश्रश्र श्रृमश्रश्ररययहै। छोटी आंत का हिस्सा ऊपर की ओर ृतयसश्रश्रश्रररकी जाता है। इससे शश्ररररीर में लगातार दर्द बना रहता है किसी प्रकार की दवा काम नहीं करती है। पीलिया हो जाता है लेकिन दवा बेअसर हो जाती है। लोग भुत प्रेत का भी इलाज तर के तक जाते हैं किसी उपकरण की पकड़ में भी नहीं आती है।
इसका इलाज केवल योग के द्वारा ही सम्भव है परंतु कई बार शरीर कमजोर हो ने के कारणरश्ररश्रय योग करना मुश्किल होता है अतः सावधानी के साथ योगासन करें। अपने शरीर की श्वसन प्रक्रिया को अपने नियंत्रण में रखें।
यदि किसी कारणवश, आप इस समस्या से ग्रक्षक्षययस्त हो। तो आप इसके इलाज के लिए निम्नलिखित पते पर संपर्क कर सकते हो।
सुरज भान लोहचब मौन
मकान नं 3446क्षयरक्षयश्रश्रश्रश्रक्षश्रश्रयक्षक्ष
हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी
सैक्टर 1,4 हिसार हरियाणा
मोबाइल 9485765519
ई मेल sblohchab19@gmai.com
अपनी समस्या इमेल भी कर सकते हैं।
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