अप्रैल का महीना समाप्ति के कगार पर है। सभी रबी की फसलों की कटाई व कढ़ाई हो चुकी है, यदि बची होगी तो किसी किसी जगह हाथ से कटाई वाली फसलें बची होगी। इस सीजन में गर्मी व फसलों के कारण कुछ तकलीफ़ हो जाती हैं। यदि इनसे बचाव के लिए ऐतिहात बरतनी आवश्यक हो जाती है।
इसके कारण होने वाली तकलीफ़ों में गले खराब हो ना , कटाई, कढ़ाई के समय धूल मिट्टी व फसलों के अंश सांस लेने की प्रक्रिया के दौरान नाक व गले में जा कर चिपक जाते हैं। जिससे शरीर में अलर्जी, जुकाम, सांस लेने में दिक्कत, सिर दर्द जैसी आम तकलीफ़ के साथ में फसलों के गन्दे अवशेषों से आन्तरिक संरचनात्मक रोग भी उत्पन्न हो जाते हैं।
इससे बचने के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपाय यह है कि आप फसलों कटाई, कढ़ाई व भूसा बनाने व ढोने के समय अपने नाक, मुंह व कानों को कपड़े से ढक कर रखें तथा वह कपड़ा कहीं से लटकना नहीं चाहिए। आंखों पर 0 नं का चश्मा अवश्य लगाएं। आंखें बेशकीमती अंग है इनकी सुरक्षा करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। आंखें गई तो जहान गया।
यदि किसी कारणवश आप के साथ गले, नाक की तकलीफ़ हो गई हो तो, अपने साथ दुनिया की सबसे सस्ती वस्तु निंबू रखें। उसको एक गिलास पानी में निचोड़ कर पानी पी लें। गले की तकलीफ़ तुंरत ठीक हो जाएगी, साथ में आगे बिमारी बढ़ने नहीं देगा। लूं लगने का खतरा टल जायेगा। शरीर में पानी के कभी नहीं होने देगा। शारीरिक ऊर्जा सन्तुलन को बनाते रखेगा। यदि कुछ तकलीफ़ बढ़ गई हो तो निंबू का छिलका थोड़ा सा चबा कर खाए। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
इसका एक बेहतरीन उपयोग और है वह यह कि यह आपको महंगे महंगे उत्पादों की खरीद से बचा सकता है। जैसे टूथपेस्ट, इसका छिलका दांत साफ करने के काम आता है। दांतों को निरोगी बनाता व मसूड़ों को मजबूत कर, पायरिया नामक बिमारी से बचाव करता है।

सारांश: गर्मी के लाजवाब तोहफे को हमेशा अपने साथ रखें व स्वस्थ रहें। अपने परिवार को भी स्वस्थ बनाए।
