से जाओ फिर उठना है

सो जाओ दिन में रात को ढूँढना है,

दिन तो तुम्हारा है रात को दिया ढूँढना है।

कितने ही विवेक गलत हो जाये,

हमें तो गलत में विवेक ढूँढना हैं।

फरक गलत का नहीं , सही का है,

सही में गलत व गलत में सही को नहीं ढूँढता है।

उठो रात हो आई है दिये बाती नहीं तेल ढूँढना है।

देखो धूप का टुकड़ा जल उठा है,

बाती तेल ले आई है।

सलाह व्यय व कर्म बंधन की भारत सरकार के हित में

वैसे तो दुनिया अपने जन्म बंधन पर चलती है, परन्तु समाज के निर्माण के नियमों में बंधन कर ही एक सशक्त समाज व सरकार का एक सुदृढ़ हिस्सा देश के नागरिक बन सकते है। साँझे हितो पर आधारित सरकार के नियमों का पालन कर के ही एक अच्छा राजनेता बन सकता है जो कि कोई आदमी नियमों और अनुशासन में बंध कर हासिल कर सकता है। अब सरकार चलाने के लिये रूपयों तथा शर्म बंधन के मनुष्यों की आवश्यकता होती है ।जिनको क्रमश बजट व रोजगार कहते है।प्रजातान्त्रिक राज व्यवस्था हर हर मनुष्य सरकार का हिस्सा होता , जो राजकीय क्षेत्र की सीमाओं में रहता है। अतः वह सरकार पड़ने वाले वित्तीय भार वहन करने का जिम्मेदार नागरिक होता है।

सरकार में बैठे और बाहर बैठे अहम राजनीति के किरदारोंं से सलाह की अपने आप को शक्तिशाली राजनेता व नागरिक बनने के लिये अपने क्रियाकलापों को सच्चाई व ईमानदारी के साथ अपने हित में पहले फिर देश के हित में करें। क्योकि यदि आप रहोगे तो देश रहेगा ,यदि आप ही नहीं रहे तो देश का कोई औचित्य नहीं रहेगा।आपको बचाने के लिये देश बचाना जरूरी है, उसके दुशमनों बचने के लिये सेना आदि पर खर्च करना पड़ता है उसके रोजगार कहते है। खर्च का रूपया कहा से आयेगा,इसका कारगर उपाय पढ़ो। सरकार सभी प्रकार के करों की वसुली सुनिश्चित करे और जनता के हित में दो-तीन दिन बाद कर वसुली का २५ से ५० प्रतिशत रूपये कैशबैक के रूप में वापिस कर दें ताकि सरकार का खर्च और जनता का खर्च सन्तुलित तरीके से चल सके।इसके लिये दोनों पक्षों को ईमानदार बनना पड़ेगा। एक बार नियम से सामज्शय की गाड़ी पटरी आगई तो फिर किसी प्रकार के वित्तीय घाटे की चिन्ता व स्थिती नहीं आयेगी।लोग खुशी के साथ कर की आदायगी अपने व देश के हित फटाफट कर देंगे। जनता के समपन्नता व भाग्य को सुनिश्चित करने के लिये लाटरी मेलों का आयोजन करे। यह दोनों के हित में है।

व्ययपार वृध्दि का संयोग अचूक उपाय

अपने किये कार्य को उत्कृष्टता तक पहुँचाने के लिये व अपने किये कर्म का पूर्ण लाभ लेने के लिये अग्रलिखित सशक्त व अचूक नियम सत्य ,निष्ठा व।ईमानदारी से अपने क्रियाकलापों में अमल करे। अपने सभी लेन-देन को लिखित रूपये में रखें, लेनदारी से पहले देनदारी को लिखित रूप में देना बहुत ही अहम है ताकि आपकी पहचान हो सके। दूसरा आप पर कोई उगँली नहीं उठा सके कि तुमने किसी के साथ धोखा वअन्याय किया है चाहे सरकारी या गैरसरकारी या व्यक्तिगत तथ्य हो, उनका सही-सही ब्यौरा लिखित रूप में रखा व दिया होगा तो किसी भी भगवान तक में ताकत नहीं कि आप का कुछ छिन्न ले। आप को समय पर आप के भाग्य व कर्म का हिस्सा सम्पूर्ण रूप से सुरक्षित मिल जायेगा।यह मेरी शतप्रतिशत गारन्टी है।यदि आज से ही सरकार द्वारा अधिकृत लेखा पत्र पर तय सुदा नियमों पर आधारित लेन-देन किया तो कल ,आपका नया दिन निकलेगा।

असली सोने की पहचान

असली सोने घिसता नहीं है जबकि नकली सोना जोकि पितल और तुम्हें को मिली कर बनाया जाती है घिसता है तथा पडे़ रहने पर भी वजन कम होता रहता है।धारण करने पर घिसने की गति तेज हो जाती है इसी से सुनार ज्यादा रूपये कमाते हैं।

भिखारी और कुता

भिखारी और कुत्ते में योनि के शिवाय कुछ फरक नहीं होता है। भिखारी मनुष्य तथा कुत्ते पशु योनि से सरोकार रखते हैं। भिखारी और कुत्ते समाज में गंदगी,चरित्रहिनता व व्यभिचार फैलाते है।दोनो ही कानून का उल्लंघन करतेहै। व नीचता का उदाहरण प्रस्तुत सकते हैं।

चाँद पृथ्वी से अच्छा

चाँद पृथ्वी गृह से दिखाई देता है क्योकि वहाँ पर पृथ्वी की तरह के पाँच सड़े महासागर नहीं है न ही पृथ्वी की तरह ७५% भू भाग समाप्त है , पृथ्वी गृह आजकल एक फूटे घड़े से ज्यादा कुछ नहीं है। जिसके ठिकरों में कुत्ते ,बिल्ली और चील, कव्वों को पानी रख देते हैं। चाँद , चाँदी की तरह चमक रहा है जबकि पृथ्वी उलटे तव्वे की भाँती सड़ी पड़ी है । पृथ्वी का हाल तुम अपने घर ,गली आसपड़ोस से देख कर अन्दाजा लगा सकते हो। चाँद का हाल मैं तुम्हें नीचे दिये चित्र में दिखाता हूँ।

What is Survey.

Survey word carries the meaning of same voice.If you want to listen your voice in which manner ,you have said earlier , should be matched from other’s mouth with the same words is called survey.

In the bessiness world of working , this word emplies with report card of products sales to the consumer through the whole salers and retailers ,they give the feedback to the manufacturer in half-cocked manners.Because ,most of retailers don’t use items which he sells ,he ask one or two customers to fill up the blanks of manufacture ‘s feedback report. It is the bad luck of Indian manufacturer , shopkeepers sitting in market at present in India is 100% froud and does not what is bessiness.

Most of the shopkeepers are not giving cash receipts to the consumers How you can hope that report of all the items sold back to you to upgrade the product in time or before the bad incident to sut down the unit with huge losses.

Survey report means that the feedback of each items to be lodged back to the manufacturer from the consumers periodically and in-time.So , losses can be avoided and defects can be rectified and product can be upgraded on the requirements of the public.

What do you mean by CashBack.

Most of the companies are giving cash back offers on their services or goods. Some of them are with other coloration to promote sale of the products of the company.But ,this practice is a deciept with the customers . The does not no meaning of CashBack. They are making people fool to give the slogans of cash back and giving the Scratch card to give some rebate of others items,who has increased the price drastically. They are looting the innocent public. Therefore this practice should be curtailed by law and order. If they are unable to give cash money back consumers. And don’t write the dishonest words and misguide the people.Avoid resentment in the public that more dangerous the selling bessiness.I will hope that all the organisation will do the needful .If you will not proclaim then also public purchases the goods and services.Then why are you becoming fool your self.Better awake up with out doing nonsense.

This type of nonsense in business causes mass losses and destruction of business.Breech of conduct is a hennious gilt and never allow to think for goodness for one’s self. Can you tell me ,how much costly that CashBack offer will cost the individual consumer.if he goes by car or other means of convenience to matterlized the amount. What is the benefit of that offer.

गर क्या होता है

गर का अर्थ होता है ,गाय बन कर रह।यह शब्द बाबे ,साधु तथा भिखारी जैसे व्यक्तित्व के लिये प्रयोग किया जाता है जैसे कि शुक्रगर ,मुनिगर और गिरी समुदाय के लोगों का पहचान करवाने के लिये होता है ताकि बैगर पूछे ,उनकी फितरत का पता लोगों चल सके ,कि वे कैसे आचार ,व्यवहार के लोगों है।यह शब्द चरित्रहिनता को दर्शाता है इसिलिये ,उन्हे गाय और भूमि या माटी की संग्या दी जाती है।

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