इलाज पर खर्च होने का सबसे ज्यादा हिस्सा
यदि कोई आदमी बिमार होता है तो उस रोग को शरीर से बाहर करने में बहुत कुछ खर्च होता है कोई किसी रूप में तो कोई किसी रुप में।
लेकिन सबसे ज्यादा खर्च बिमार आदमी के बुरे कर्मों का हिस्सा होता है जो पूर्व जन्म से घरणित होते हैं।
दूसरा सबसे जो सबसे बड़ा हिस्सा होता है शारीरिक कोशिकाओं का होता है।
रूपए व पैसों का हिस्सा सबसे कम खर्च होता है। क्यों कि दवाईयों पर होने वाले खर्च से कई गुणा खर्च डाक्टर की फीस व लैब में होने वाले खर्च है।
दवाई यदि १०००रुपये की होती है तो डॉक्टर की फीस व अन्य खर्च १००००० से भी ज्यादा होता है।
अतः दवाओं को बिमारियों का बोझ न बनाये , दवाएं केवल सप्लिमेंट काम करती हैं। रोग केवल व केवल ठग्गी के रुपए वापस होने पर कटता है।
सचेत रहें कहीं किसी की उधार तो बाकी नहीं बची है जो बाद में रोग कारण बने।यदि कोई आदमी बिमार होता है तो उस रोग को शरीर से बाहर करने में बहुत कुछ खर्च होता है कोई किसी रूप में तो कोई किसी रुप में। लेकिन सबसे ज्यादा खर्च बिमार आदमी के बुरे कर्मों का हिस्सा होता है जो पूर्व जन्म से घरणित होते हैं। दूसरा सबसे जो सबसे बड़ा हिस्सा होता है शारीरिक कोशिकाओं का होता है। रूपए व पैसों का हिस्सा सबसे कम खर्च होता है। क्यों कि दवाईयों पर होने वाले खर्च से कई गुणा खर्च डाक्टर की फीस व लैब में होने वाले खर्च है। दवाई यदि १०००रुपये की होती है तो डॉक्टर की फीस व अन्य खर्च १००००० से भी ज्यादा होता है। अतः दवाओं को बिमारियों का बोझ न बनाये , दवाएं केवल सप्लिमेंट काम करती हैं। रोग केवल व केवल ठग्गी के रुपए वापस होने पर कटता है। सचेत रहें कहीं किसी की उधार तो बाकी नहीं बची है जो बाद में रोग कारण बने।
यदि कोई आदमी बिमार होता है तो उस रोग को शरीर से बाहर करने में बहुत कुछ खर्च होता है कोई किसी रूप में तो कोई किसी रुप में।
लेकिन सबसे ज्यादा खर्च बिमार आदमी के बुरे कर्मों का हिस्सा होता है जो पूर्व जन्म से घरणित होते हैं।
दूसरा सबसे जो सबसे बड़ा हिस्सा होता है शारीरिक कोशिकाओं का होता है।
रूपए व पैसों का हिस्सा सबसे कम खर्च होता है। क्यों कि दवाईयों पर होने वाले खर्च से कई गुणा खर्च डाक्टर की फीस व लैब में होने वाले खर्च है।
दवाई यदि १०००रुपये की होती है तो डॉक्टर की फीस व अन्य खर्च १००००० से भी ज्यादा होता है।
अतः दवाओं को बिमारियों का बोझ न बनाये , दवाएं केवल सप्लिमेंट काम करती हैं। रोग केवल व केवल ठग्गी के रुपए वापस होने पर कटता है।
सचेत रहें कहीं किसी की उधार तो बाकी नहीं बची है जो बाद में रोग कारण बने।यदि कोई आदमी बिमार होता है तो उस रोग को शरीर से बाहर करने में बहुत कुछ खर्च होता है कोई किसी रूप में तो कोई किसी रुप में। लेकिन सबसे ज्यादा खर्च बिमार आदमी के बुरे कर्मों का हिस्सा होता है जो पूर्व जन्म से घरणित होते हैं। दूसरा सबसे जो सबसे बड़ा हिस्सा होता है शारीरिक कोशिकाओं का होता है। रूपए व पैसों का हिस्सा सबसे कम खर्च होता है। क्यों कि दवाईयों पर होने वाले खर्च से कई गुणा खर्च डाक्टर की फीस व लैब में होने वाले खर्च है। दवाई यदि १०००रुपये की होती है तो डॉक्टर की फीस व अन्य खर्च १००००० से भी ज्यादा होता है। अतः दवाओं को बिमारियों का बोझ न बनाये , दवाएं केवल सप्लिमेंट काम करती हैं। रोग केवल व केवल ठग्गी के रुपए वापस होने पर कटता है। सचेत रहें कहीं किसी की उधार तो बाकी नहीं बची है जो बाद में रोग कारण बने।
भैणी का _ इतना, करना कै हो सै ?
भैणी का इतना करने का अर्थ कुछ छोटा नहीं है जब हकिकत सामने आयेगी या धरी जायेगी तो जान कर ताजुब होगा। भैणी का संधी विच्छेद करने पर भै व अणी शब्द मिलते हैं।भै का अर्थ डर व अणी का अर्थ अन्न होता है इसमें दो प्रकार के अन्न होते हैं एक मादा अन्न जैसे गैहू़ और दूसरा नर जैसे कि चोअ्ल यानि कि चावल। इस का सीधी साधी भाषा में अर्थ है कि एक पत्नी अपने पति से कहती है जो उससे आयु में बड़ा है । उसको अंगुली के पेरवे के समान छोटा जन्म दे कर न्यू न कर दूं तो। तब वह उसको लड़की पैदा कर छोटा कर देती है। फिर उसका पति कहता है मैं तेरे को बिना पैदा किए ही छोटी न कर दूं तो। उस की पत्नी तैस मैं आकर कहती हैं करके दिखा। उसने कहा चल मर , बोली या तो मैं मर गई। छोटी कैसे हुई। वह बोला तू में रे से उमर में बड़ी थी अब मर तू छोटी हो गई तेरी उम्र रही नहीं तो मैं जिन्दा रह कर बड़ा न गया। तु इतनी सी हो गई। फिर बोला तू मेरे समान इतना सा छोरा हो गई। क्या आप बता सकते हो कि वह छोरा कहां हो गई।SHARE
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थोड़ा नहीं, ज्यादा सावधान रहिए
हरियाणा हो या पंजाब या देश या सारे संसार के लोगों को पूर्ण रूप से सचेत व सजग रहने की जरूरत है । कुछ प्रतिशत लोग देश व दुनिया में महा भंयकर रोग फैला कर , लोगों को शारीरिक , मानसिक ,वाचिक व आर्थिक रूप कमजोर कर उन पर राज करने की कोशिश कर रहे हैं।
ये लोग लड़की व लड़का दोनों ही आजकल सरे आम औरत खौर बना आप के शरीर रुपए लूटते हैं। इसमें बाबे, भिखारी व यहां तक कि कुछ विधायकों व संसद सदस्य भी शामिल हैं । बिहार के लोग इनके सबसे ज्यादा शिकार हुए हैं। रुपए के लालच में शारीरिक शौषण करते हैं य करवाते हैं।
विधायक व संसद सदस्य उनके राशनकार्ड व कहीं पर जमीन कब्जा करवा कर पहले इन्हें बसा लेते हैं फिर उनका शारीरिक शौषण करते हैं व धन्धे के रूप योनश्रमिक बना देते हैं। इनको व यौन शौषण की पैदावार को हर रोज हर जगह भीख मांगते देखते हो।
बाद में ये लोग हत्या, लूटपाट, आगजनी व दंगे फसाद जैसे जघन्य अपराध करते हैं या करवाते हैं। अपना उल्लू सीधा करने के लिए युद्ध भूमि तक तैयार करते रहते हैं। भारत जैसे देश में यह युगों से देखा जा सकता है। यहां के नेताओं को पता है कि बेरोजगार बहुत है लड़ाई में कुछ हजार मर भी गए तो जनसंख्या बहुत है। वे बेरोजगारी का धंधा तक करते हैं।
कृत्रिम बेरोजगारी व वस्तुओं का कृत्रिम अभाव पैदा कर लोगों से लूटपाट करवाना उनका खानदानी पेशा बना रखा है अतः ऐसे लोगों व फोन कालों से सावधान रहें। अपने खेत, खून पसीने की कमाई व शरीर को चरित्र हीन लोगों से बचा कर , एक सुदृढ़ चरित्र वान देश के निर्माण में एक जुट होकर ,देश से बुरी ताकतों का पूर्ण रूप से सफाया करे व उसमें पूरा सहयोग दे।
Facebook the
Face Book is the worst most website in the world. It is helping all the worst most people in the world to do the nonsense either way of writing or blocking the website to use for them for it is meant.
It hide the photographs and scripts of the culprits. They help the robbers , abductors and rapists. That is why you are showing password wrong again and again.
पाबड़ा जो पंजाब में था
पाबड़ा पिण्ड जो पंजाब में था उस का नाम बदल कर मोहम्मद पुर उर्फ मोडा खेड़ा रख दिया गया था मुन्शी व उसके गलत बेटों के द्वारा, गलत कारनामे करने के लिए जिसमें लोगों की बहु व बेटियों की इज्जत लूटने के लिए किया था
बदल कर वापिस पाबड़ा रख दिया जाये। नहीं तो लोगों की बहु बेटियों की इज्जत खतरे में है। इस गैंग में बहुत सी जातियां पूर्ण रूप से शामिल है। सबसे ज़्यादा जाति बनिया व चमार तथा चूड़ा जाति के लोग है।
उन्होंने ने अपनी जाति बदल कर गलत जाति के प्रमाण पत्र बनवा कर, चोरी,डकेती और बलात्कार जैसे घटनाओं को अंजाम देते हैं। इसमें मिणा जाति सिरमौर बनी हुई है। वे बाबे व भिखारी के रूप में रहते हैं।
कुछ पंछी प्रजाति के लोग भी धड़ल्ले से इन कार्यक्रमों को अन्जाम देते हैं सरकार मुक व बधीर बनी हुई है। समय रहते इस पर काबू नहीं पाया गया तो भंयकर परिणाम भोगने पड़ेगें। यदि नाम पता चाहिए तो मैं पूर्ण जानकारी प्रैष में दे सकता हूं।
अर्जुन की दुसरी पत्नी का क्या
क्या आप बता सकते हैं कि अर्जुन की दुसरी पत्नी का क्या नाम था।
यदि आप नहीं जानते हैं तो नीचे लिखे पत्ते पर लिख सकते हैं।
sblohchab19@gmail.com
आप को जवाब निम्नलिखित वेबसाइट पर लिख कर दे दिया जाएगा।
http://www.smiksha.travel.blog.com
क्या नरेंद्र मोदी व उसकी संसद अगले जन्म में
क्या आप बता सकते हैं कि नरेंद्र मोदी व उसकी संसद अगले जन्म में बच्चे पैदा कर सकते हैं या नहीं।
यदि आप प्रश्न का उत्तर जानते हैं तो बताओ क्यों?
यदि नहीं जानते हो तो आप नीचे लिखे पत्ते पर सम्पर्क कर प्रश्न का उत्तर जान सकते हो।
sblohchab19@gmail.com
इसकी जानकारी आपको फिर आगे लिखी वेबसाइट पर मिल जायेगी।
http://www.smiksha.travel.blog.com
आप की जानकारी का इन्तजार।
