दुनियां के किस शहर के कचरे से एक एण्डीज पर्वत निकलता है? उत्तर कल के सतम्भ में।
What is blog?
The blog is a service rendered to the needy with out any payment to boost the sale of products by means of advertisement of any kind of materials and views. Most of the time is free of cost. If you don’t have your product any materialistic world.
Its main benefits are to be well known personality to provide the open critic views to mend their products quality and quantity. The bloggers are the users the products and knows the exect required quantity is needed in the market for production in future. Even the shopkeepers do not the requirements of the market.
It is the consumer who can tell the requirements of the products.But most of the consumers do not write the opinion or complaints about the scarecity of the requirements of the items.It the bloggers who lodge the complaints and the management of the manufacturing units could come to know the reality of situation.
लोग क्यों मरते हैं
देश के प्रधान मंत्री लोक डाऊन करे , लोग चाहे समाजिक बहिस्कार करे। लोग अपने बुरे कर्मों व लालच के कारण ,यूं ही करोना जैसी जान लेवा बिमारियों के कारण ,इलाज व बिना इलाज की वजह से मरते रहेगें। अब उनको कोई दवा व इलाज नहीं बचा सकता है।
कारण ,करोना लोक डाऊन में लोगों की मजबूरी के कारण नहीं । उसमें इमरजन्सी में काम करने वाले लोगों ही मरेगें। लोगो को लूटने के कारण कर। जो झूठ बोल कर लोगों को लूटते घूमते हैं। लोग भाव कुछ बोलते हैं ,सामान लेने पर, भाव के रुपये ज्यादा भाव के दाम लेकर लूटते हैं। वे एक या दो किलो सामान लेने वालो को ही लूटते हैं अधिक मात्रा के जमा खोरी के भाव बताते हैं औरों के लिये सामान छोड़ते हैं तो ,कम सामान लेने पर लोगों को अधिक भाव लेकर लूटते हैं। अत: उनकी बेईमानी का दंड उन्हें अवश्य भूगतना पड़ेगा। सरकार व दुनियां कुछ भी कर ले। इसीलिये लोग करोना जैसी महा मारी के कारण मरते हैं,वे गेंग में काम करते तो गेंग के रूप में मरेगें भी।
भगवान क्या कुछ रुपया मिलेगा?
एक बार की बात है एक आदमी ने किसी दूसरे आदमी से कहा ,” मैं किसी को बेवकूफ बना कर अपना काम निकाल सकता हूं।” दूसरा बोला ,”रहने दे,इतनी बड़ी झूठ मत बोल।”पहले फिर कहा ,तु अजमा कर देख ले। मैं तुझे यू मूरख बना कर ,अपना काम नहीं निकाल लू तो।
दूसरे ने कहा कि तुझे कोई फूटी कोड़ी भी नहीं देगा।चल मैं तुझे ही देखूगा, तू कितना चलाक बनता है।यह बोल , बोल कर वह आदमी चला गया। काफी अरसे के बाद ,वह आदमी,उस दूसरे आदमी के पास आया और बोला दोस्त कैसे हो। वह बोला,” भगवान की कृपा से बिलकुल कुशलतापूर्वक हूं। स्वास्थय भी ठीक- ठाक है।ऊपर वाले ने मौज कर राखी है।”वह बोला ऊपर भी कोई रहता है। क्या कोई किरायेदार रख लिया ।
नहीं, तुम समझे नहीं। मेरे घर के छत के ऊपर की बात नही कर रहा। मैं तो उस मालिक की बात करी रहा हूं।जिसने हमें पैदा किया है। वह बोला, आपको आपकी मां ने नहीं पैदा किया क्या। कुछ देर निरुत्तर रह, वो मनुष्य कहने लगा। माता ने तो हमें शरीर दिया है।जन्म तो उस पर ,आसमान पर बैठे भगवान की वजह से होता हैं। अच्छा
छोड़ इन बातों को। मैं कुछ काम के सिलसिले में आया हूं।देख भाई, मना मत करियो। बहुत मुसिबत में हूं। अच्छा बता क्या बात है। वह झिझक कर बोला, मुझे कुछ रुपयों की जरूरत है। हाथ में आते ही लौटा दूंगा। दूसरा बोला, देख हाथ में लेते ही लौटा दोगें, तो तुम्हें रुपयों कहां जरुरत रही। मैं रूपये तो तुम्हारे हाथ में ही दूंगा।
वह आदमी बोला ,मेरे कहने का अर्थ यह नहीं है। जब होगे तब लौटा दूंगा।दूसरा बोला यदि हाथ में रुपयें नहीं आये तो ,तुम मेरे रुपये नहीं लौटाओगें। तु मझे बेवकूफ तो नहीं बना रहे हो। दोस्त ऐसी बात ,मैं कैसे सोच सकता हूं की तुम बेवकूफ हो। तुमने ही तो कहा था कि तुम्हें मुर्ख बना कर, अपना काम निकाल लूंगा।उसने कहा, जब तु आ ही गया है तो ,तूझे रूपये दे दूंगा। ये रुपयें अवश्य लौटाने होगे।और वह रूपये लेकर चला गया।
घर पर, वह स्वयं से बोला ,इस बार भी काम निकल गया। वह मूर्ख भी बन गया। रुपयें तो , मेरे पास होते नहीं हैं दूंगा कैसे। कुछ दिनों बाद ,फिर रुपयों की जरुरत आन पड़ी।सोच रहा था ,अब किस को पागल बना कर रुपयें लूं। तभी उसका ध्यान,ऊपर वाले की ओर गया। उसको तो रूपये वापस करने की आवश्यकता नहीं जोती है। वह तो देता ही है ,लेता नहीं हैं। यदि वापस करने की कहेगा तो बोलूगां ,भगवन। आपको रूपयों की क्या जरूरत। रूपयें तो गरीबों को चाहिए होते है।और एक मन्दिर के भगवान के पास चला गया।
वहां दीपक जला व घंटा बजा कर, भगवान का आवाहन किया।आंखों में आंसू भर कर बोला, हे भगवान ,इस दुखिया का दुःख दूर करो। भगवान भी ऐसा।पहली बार, पुकारने पर आ धमका। बोल भगत क्या विपदा हैं। भगवान मुझे कुछ रुपयों की जरुरत है आप दे दो तो मेरी समस्या हल हो जायेगी। सभी लोग रूपये वापस मांगते हैं। मुझे बार बार मांगना न पड़े।जो लाता हूं सब खाने पीने की उधारी में चला जाता है।ऐसे रुपये देना प्रभु , जो वापस न देने पड़े। भगवान बोला ठीक है भगत, तेरी समस्या हल हो जायेगी।
खुश होकर बोला सच भगवान। हां मैं बिलकुल सच कह रहा ,वह रुपये तु मुझे कभी नहीं लौटाना।चहक कर बोला , कहां है, रुपये भगवान, भगवान ने उसकी ओर देखा। उसकी आंखों में एक अलग तरह की चमक थी।ये रुपये मैं कभी ले जा सकता हूं। भगवान असमझस में पड़ गया। कुछ देर सोच कर बोला तू कभी भी रुपये ले जा सकते हो। तो आप देर न करे प्रभु ,जल्दी दो ।देर हो रही है।
भगवान उसे मन्दिर से बाहर ले आये। और बोला, देख बाहर खेत में फसल खड़ी है ,मेरे खेत में । काट कर , अनाज कुछ मेरे लिये छोड़ कर, बाकि बाजार में बेच कर रूपया तुम ले जा सकते हो । वह रूपया तुम्हें वापिस नहीं करना पड़ेगा। क्योंकि वह तुम्हारी मेहनत का रूपया होगा नहीं, भगवान ऐसा रूपया मुझे नहीं चाहिए।मुझे तो बिना मेहनत का रुपया चाहिए। भगवान ने कहा ,वैसा रुपया तो मेरे पास नहीं है, भगत। मूरख बना कर तुम मौज नहीं कर सकते,भगत। तुम्हारी मेहनत की कमाई ही तुम्हारा कल्याण कर सकती है अब तुम जा सकते हो।
आस्था जानलेवा भी हो सकती है
दोस्तों , आज ऐसे विषय पर लिख रहा हूं।जिस पर कोई विश्वास नहीं करेगा। लेकिन उस हकीकत को गलत ठहरा नहीं सकता। हर कोई भगवान का प्रत्यक्ष व परोक्ष रुप में होने की बात से सहमत होगा। किसी भी धर्म ,जाति व सम्प्रदाय के लोग हो।सब अपने -अपने तरीकों से उनकी अराधना करते हैं। किसी न किसी तरह की उम्मीद लेकर जाते हैं। लेकिन वहां सभी की सारी इच्छाएं पूरी नहीं होती है।बल्कि बदले में दंड भी मिलता है। सबसे बड़ा दूर्भाग्य यह है कि अधिकांश मामलों में जान से हाथ धोना पड़ता है।इसको झूठलाया नहीं जा सकता है।
इतिहास मुक गवाह न होकर,मुखर गवाह है कि किसी भगवान ने किसी की जान बचाई हो। चाहे रावण हो या कंश। दोनों शिव जी व कृष्ण जी के उच्च कोटि के उपासक थे। लेकिन दोनो को पूजा करने, आस्था रखने का कोई वरदान न मिला। और मौत की संज्ञा को गले लगा लिआ। अत: आस्था उतनी ही होनी चाहिए कि किसी का बुरा ना हो ,राक्षस जीवित ना बचे व शरीर कर्म करने को ठीक रहे। स्वस्थ शरीर ही,मनुष्य का भगवान होता है।
अपने घर व शरीर में मैल जमा रहे,और पत्थर को नहलाये व दूध पिलाये। ऐसा करने से रोग तो मिल जाता है , परन्तु भगवान कदापि नहीं मिलता।इसलिये अपना मैल धोना चाहिए।ये सब अजमाये वाक्यात है।ये घटनाये रावण के साथ ही नहीं, तुम सभी के साथ व्यतीत हो चुकी हैं। किसी भगवान ने तुम्हरा भाई, बंधु ,रिश्तेदार आज तक नहीं बचाया हैं।फिर भी भूल में सोते हो। अपने स्वास्थ्य का स्वयं का खूद ध्यान रखें।
जिस भगवान से तुम अपने ठीक होने के लिये जाते हो। वह तो समर्थ है अपनी साफ सफाई खूद कर लेता है।गंदगी अपने पास नहीं फटकने देता है। लोगों से उसकी दूरी इतनी ज्यादा है, बिना मरे उसके पास नहीं था सकते।अत: मरने के लिये उनके पास जाने की जरूरत है। वह तो बिना उनके आ जाती है।
पतिव्रता का सत
पतिव्रता के जीवण का कोई काम ना रहा धरती के तख्ते पै छतरी जाम ना रहा।।
पतिव्रता का सत टूट्टे तो मोट्टा चाल्आ सै,
आडर रह्ररा दस दिन का पैर पाल्आ सै,
छत्राणी बणै पठाणी ना ज़िन्दगी का गाल्आ सै,
देवलगढ़ का अदली रावण लंका आल्आ सै,
सीता की कैद छुड़ाई वौ राम नाम रहआ,।।
राजपूत की लड़की कैद म्ह पड़ी पूकारै सै
रोजाना की कार वा चिठ्ठी लिख-लिख डारै सै,
सभा दुशासन बरगी रात दिन कुबध विचारै सै
दुष्ट दुशासन द्रोपदी का चीर उतारै सै,
सभा म्हं चीर बढाव वौ व श्याम न रहआ।।
महकदे के नाम के इन्साफ ना रहै,
श्री भगवान कृष्ण के जप और जाप ना रहै,
सगे, असनाई , मित्र,प्यारै खुद आप ना रहै,
मैं जि, के जामी वौ मेरे मां-बाप ना रहै,
चक्रवर्ती इंसाफी राजा जग थाम ना रह्आ,।।
रण कै म्ह शौर मजादै इसी हो आग छत्री कै,
कौण लगादे फैर हाथ शेर और नाग छत्री कै,
गऊमर घंमण्ड और तेग,तोप की पाग छत्री कै,
कहै धनपत सिंग कर्म,धर्म की लाग छत्री कै।
कहै ज़मनादास पिटे बिन मूं,गुलाम ना रहआ।।
I Am About To Die
The history of a seed. Everyone thing has own will and wish. They take breath and grow to flourish and live a wonderful life before they sleep in eternity. Or step in a beautiful journey of bravery and sacrifice. The plants are shown in picture has a gloriy history of its sacrifice for others.It makes the body healthy , strong and glowing smooth skin . It makes you wealthy. But it’s life is faces lots of difficulty.It never denied to cater you.If you wants to know about plant.

Let me tell you it’s glorious story of adventurous life. It is known as a Sarso or musturd plant. People uses it oil crop.It has blackish brown in colour.It has been sown in very small quantity and gives thousand times more productivity. Its time of cultivation in the month of October. As live creature it face the tremendous life journey.
After sowing , the seeds comes out of sand after four to five days as two leaf seedlings in green colour.and carry on rising it’s stem with high to ward the sky as bold plant.Upto the last time of life ,it faces different types of attacks.Sometime small insects it and eat them or suck it’s chlorophyll juice and make it humble.Some time stray animals eat it . Human pluck it’s leaves and stems for vegetable use.

As it grows up, it difficulty increases.No body spair it , when the farmer goes to see the crops , he also ruin it under his shoes.Even the nature is more harsh to it.It put hailing on it, smash and hurt it.Snow fall and fog burnt it. Honey bees suck it prag and make honey. Still it stands together and fight with them and alive happily. It spread yellowish beauty all over by its flowers Kharib Season of Agriculture.That is so charming and attractive.it carpets the field with its beautiful yellow flowers.

Now, it has come the age of adulthood and about to die. People or mechines will cut it mershilessly . But it is not running away to afraid of death. It stands still as a brave worrior who won the battle field. Happily it going die to be cut and threshed in harvesting machine, Still it’s sacrifices stories are not ended for yourself. After it will be sold .No body loves it for the shake of money.Afterward it’s painful journey start , it is sold to oil millers. They crush it badly to drain out it oil . Its oil and khal is again sold to the customer for final demise.

Oil is used in different ways by burning,fring or raw. Every where the behaviour of the user is barbarian.Khal is also used in different ways. Its used as fodder also.It is about to die,but it is too pleased to see it’s death near.It is waiting for its yam, the Kal purush is called the Farmer to take their life back to heaven for further life.
पढ़ना जारी रखें “I Am About To Die”बच्चे झूठ बोलने पर क्यों मजबूर
आज मैं एक ऐसे मुद्दे पर प्रकाश डालने की कोशिश करता हूं। जो समाज के समाने एक विकट ,समस्या बन कर खड़ी है। हर रोज बच्चे आत्महत्या कर रहे है। इसके पिछे छुपे कारणों के बारे में अपने विचारों के साथ तथ्यों का अवलोकन करवा दूं। इसके पिछे नहीं, आगे आने वाले समय के लिये हम ,समाज के आधारभूत मनुष्य ही तो जिम्मेदार हैं। लेकिन अपने किये घिनोने कार्यों के परिणाम का दोष ,बच्चों पर डाल कर ,उन्हें मार्ग से भटकाने पर मजबूर कर देते हैं। जब उस दोष के कारण बच्चों को डांट-फटकार लगाये हैं तो उनका अन्तरमन क्षोभ से भर उठता है और वे कृत्य कर बैठते हैं तो नहीं करना चाहिए।जिसमें उनका कसूर ज़रा सा भी नहीं हैं।
अब आज की दैनिक भास्कर की खबर की ओर ध्यान आकर्शित करना चाहता हूं। जैसा बच्चे देखें, सुने व पढ़गें , वैसा ही जवाब देंगे।जब हम अपनी आगे आने वाली पुस्तों को ग़लत पढ़ायेंगे तो, कहानी तो ग़लत ही बितेगी। जो भी कर रहा है अच्छा करते -करते खराब करने लगे। जिसे इतिहास स्वीकार नहीं करता।जो बालकों पर विपरीत प्रभाव डालेगा। व अनहोनी घटित होगी। कर्मों न पहले ही सचेत होकर काम करें ताकि घटना ,होनी का रूप न अख्तियार न कर सके।ज्ञान की गंगा को झूठा न लिखो व करो।

मामला अयोध्या में राम मंदिर का हैं लोग राम को आदर्श मान कर अपने जीवन में,बनने की कोशिश करते हैं। यदि वहां पर कोई ग़लत वह।तुस्थिति दर्शायी जाती है तो उसका अनुशरणकर्ता पर क्या दुष्प्रभाव पड़ेगा।अब वहां पर भगवान राम का राज दरबार लगाने का कार्य होने जा रहा है। वैसे तो ठीक है राम राजा थे तो राजा कहना चाहिए। दरबार में बैठना चाहिए। लेकिन वे राज सिंहासन पर तो नहीं बेठेगें। क्योंकि उनके लिए जो सिंहासन लगाया जा रहा है ,वह चांदी का है जो इतिहास को गंवाया नहीं। सबसे बड़ा झूठ का कार्य किया जा रहा है। राम सूर्यवंशी राजा थे। किसी भी सूर्यवंशी राजा का सिंहासन सोने का होता है। श्वेत तो उसमें विराजमान शेर भी नहीं होते हैं। वे भी पीले रंग के होते हैं।
अब बताओ क्या सही इतिहास दिखा रहे हो। आने वाले समय में लोग करता खाक सही पढ़ें व देखेंगे। लोगों की मूर्खता , राम को चन्द्र वंशी दिखायेगी। जो आपके बच्चों के दिमाग में , झूठ ही तो भरेगी। वह जो झूठ देखेगा ,वह बोलेगा भी। जो उसके पतन का कारण बन जायेगी।घर व बाहर झूठ बोल कर, अपमानित होगा जो उसे मानसिक रूप से कमजोर करेगा। मानसिक प्रताड़ना के कारण , आत्महत्या जैसे कदम उठाए जायेंगे।उस समय किसी डॉक्टर तो क्या , भगवान के भी हाथ में नहीं रहेगा।परिणाम भोगने पड़ेगें। अतः अभी समय है इस ग़लत बनाने व दिखाने की प्रथा को रोका जाये। अन्यथा अनहोनी के घटित होने का इन्तजार करे।
Cure To The Way
It is not the necessity, but the utmost need is to cure a disease. It should not be left in the half way of medication. It may detoriate the health condition of a patient.Either he will be alright.Or ,Be the onward journey to the new world of essense.Here I not talking about the actual patient, but any thing can be the victim of the situation.
It is story of a department which deals with conditions of the some on going path or way to be repaired . The workers of the related segment ,leave the the way half way to get them treatment , just like the situation arises now a days due to coronavirus.If we or the individual s or the concerned people does not care properly at right time.It will results into havac.It the fault of ours.
Here ,l will show you people the treatment is rendered to the way .It will increase the burden and beside it may be dangerous to life.The department should be adhare to norms or the contractors. If you will not be alive , what the money will do.That all will go in vain and waste.People might have seen the results of such type of work.
जनता कर्फ्यू
करो ना वायरस से बचने के लिए भारत के प्रधानमंत्री द्वारा आवाहन किया गया जनता कर्फ्यू का मिला-जुला असर गांव में देखने को मिला। लोग अपने घरों से बाहर हर रोज की भांति खेतों में गये। लोगों ने रोज मरा के कार्य उसी अंदाज में किये। जो स्वास्थ्य की दृष्टि से आवश्यक भी था। गांवों में पशुओं को पालते हैं तो उनका गोबर आदि बाहर ,दूर डालना होता है ताकि बिमारी न फैले।
एक आध जगह पर शादी ब्याह का कार्यक्रम पहल से निर्धारित था , रिति रिवाज के साथ सम्पन कराया। बाकि लोगों ने कर्फ्यू के आवाहन का सम्मान के साथ पालन किया। लोगों ने थाली बजाकर सम्मापन कर दिया। इसमें स्कूल मैं पढ़ने वाले बच्चों ने अपने घरों में रह किया। बच्चों ने ,पूरे फिल्मी अंदाज में घरों की छतों से, करोना वायरस को अलविदा कह दिया।
वैसे हरियाणा में थाली बजाने की रित , लड़का पैदा होने पर बजाई जाती है। ताकि आस पड़ोस में पता चल सके। कुछ मिला कर देखा जाए तो लोग चेतन अवस्था में मिले। अपने उपर इस भयानक रोग के लक्षणों को हावी न होने देने की खामोश चेतावनी दे दी है। ऐसा लगता है लोग सरकार के साथ है।
