करोना की बिमारी के चलते लोगों को क्र तरह की हतीहात बरतनी पड़ती हैं जिसमें मास्क , सनेटाइजर,पी पी ई किट व कुछ रोग का आकस्मिक धावा स्वयं डाक्टर व सहायक कर्मियों के बचाव के लिये किया जाता है.।जिसे सुपरसिव ट्रिटमेंट कहते हैं कुछ गोलियां होती हैं उनकी एक खुराक लेनी होती है जिससे शरीर में रोग रोघी प्रतिक्षमता पैदा होती है। इनमें सल्फामेजाथीन व क्लोरोक्वीन मुख्य है दो गोलियां किसी एक की एक साथ में लेनी होती है ताकि किटाणु शरीर में प्रवेश न कर सके यदि कर भी जाये तो इन दवाओं के प्रभाव से किटाणु नष्ट हो जाये।
पी पी किट जो सिनथेटिक कपड़े का जाली वहीन अपरोन होता है उसका सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि उसे धूप में नहीं पहन सकते हैं , इसके लिये वातानुकुलित कक्ष की आवश्यकता होती है। बाहर पहनने के लिये शेखों के पहनावे ककी तरह का लबादा की जरूरत होती है जो तेज धूप को वापिस रिफलेक्ट कर सके , इसके लिये सुती कपड़े वसफेद रंग अति आवश्यक है। जिसमें गर्मी नहीं लगती है। यह कपड़ों के उपर ही पहना जाता है।
तेज गरमी से बचने के लिये सफेद पगड़ी या टोपी का प्रयोग कर सकते हैं आकस्मिक अचेतन अवस्था से बचने के लिये, पानी की बोटल में नीबू पानी वमें बर्फडाल कर ष हमेंशा पास रखें । साथमें दो, चार नीबू भी रखे ताकि पानी समाप्त होने पर पुनः बनाया जा सके।यह शरीर का हाईपोथलमस सिस्टम ठीक रखता है व इल्कट्रोलायटस संतुलित रखता है। सरकार को चाहिये की पुराने पी पी किट ही पास कर , आक्समिकता को कम करने की पहल करें , ताकि चिकित्सकों ठीक ठाक रख सके
सुती पी पी इ किट को गरम पानी में उबाल व धोकर तथा किटाणु नाशक घोल मे निसंक्रमित किया जा सकता है।यदि डिस्पोजेबल है तो उसको फैके नहीं ,जला दे। तुरन्त प्रभाव से । यदि काफी समय तक रखा गया तो उसमें बैक्ट्रियां मल्टीप्लाई होंगे प संक्रमण रोकने की बजाये फैलाने मे मददगार होगे।
सुती व सफेद पी पी किट के लिये अग्र लिखित पर दबाव डाल कर जानकारी लेंं



