काश !भारत आत्म निर्भर बन सकता

भारत के आदरणीय नेताओं ने देश को आत्म निर्भर बनाने का मन बनाया है और लोगो़ में  उसको  पूरा करवाने का अहवाहन किया है तो अपने मन को जला कर खाक कर दिजिये। जब तक तुम्हारा मन ही काबू में नहीं तो दुनियां को कैसे तुम्हारे मन के साथ सामज्य बैठाने की कह सकते हो । अपने विचारों को अपने साथ पहले आत्याम सात करें, फिर आवाहन करें। मर जाये पर उद्देश्य से भटकने न पायें। नेता लोग , ये भाषण केवल दूर दर्शन व अखबारों में फोटो  खिंचवाने मात्र का ढोंग करते है क्या। भारत नमक मिर्च कुटने का कुण्डी सोटा बनाने लायक  भी नहीं बचा है क्या ।

अब खांसी जुकाम के लिये दूसरे देश की मदद लेनी पड़ेगी।ऐसे में भारत कैसे आत्म निर्भर बनेगा। अब करोना के लिये स्वीडन बनाओं भारत को। करोना का इलाज तो लाशी व मिर्च से भी सकता है। उसके लिये स्वीडन के बोझ तले क्यों दबना। लाल मिर्च में जो एसिड होता है वह पूर्ण रूप से सक्षम है। घर में लाल मिर्च कूट कर खाने से आराम हो जायेगा। किसी सब्जी में नहीं ,अकेली मिर्च नमक के साथ थोड़ी मात्रा में लस्शी घोट ले । यदि ऐसे नहीं खा सकते तो रोटी के साथ खा लें।

मुंह जलता है तो जलने दे, पूरा शरीर पसीना पसीना हो जाना चाहिये । करोना पास भी नहीं मिलेगा। छोटी छोटी बातों के लियें विदेश भागने की जरूरत नहीं। यदि आप चोर उच्चके नहीं हैै तो आपका इलाज शतप्रतिशत हो जायेगा। नहीं तो चोरी का दण्ड किसी न किसी रूप में देना ही पडे़गा। कितने ही भगवान मना लिजिये।भगवान के पास वैद्य नहीं , वहां पर रूपयें व सोना , चांदी , हिरे ज्वाहरात व अन्य सामान देना पड़ता है, उसकी किमत लाखों से करोड़ों में होती है।

उतना खर्च नहीं तो, मुंह पर सारा दिन नकाब पहन कर रखों  ,जीवाणु शरीर में नहीं प्रवेश करेंगे। वो भी पांच रूपये से कम नहीं मिलता है।उसका बड़ा स्वरूप  धोती होती है ,वह खरीद लो,  पूरा तन ढक जायेगा । बिना फाड़े नकाब भी बन जायेगा।करोना से बचाव भी हो जायेगा। एक निशाने से दो शिकार हो जायेगें।

Atam Nirbhar Bharat Ka Nirman

Now and than government and media resources is showing  the news and tweet for Bharat Varsh  atam nirbhar banana hai. For that every citizen has to the meaning of Atam. It is very easy to a word but to follow on the path of it is very difficult to go with it. If someone pronounce the words. He has to know the side effects these words .They can cause lot of  obstructions for carried out task of self sufficient.

A man is not self sufficient , if he is self sufficient ,he/she is not a man or woman. He is a divine .He does not require the materialistic world. For a man dependence is ut most need . Bharat is a collection of lives. so the views to be collective and singular in nature because Bharat is one. Therefore view of all the population should be one . Nobody should go for other country  ‘s dependency. Tomorrow , those who uttered the words will go to other country for help, then where word goes. The individual is no more in status to violate words..

List of such people is endless and they are not in existence. First thing for India to become less co operative with other country . Then they have to leave to be a stamp pad  country. Indian are in habit of  putting label of self on other product. All the physical amenities of requirement to be met out by the country made and from the country resources. The first impact will be on export and import . You have to stop all these things. Government has to abolish the ministry of external affairs . that is not possible at this situation .All the products are exported to be stopped  with immediate effect. That is also not possible.

They have given written promises with other country Officials. That have to be fulfilled  or to be faced the breech of conduct fine which are different at different level of politics .It causes failure of companies and government and sometimes fine of death by nature to the politicians.It is due to violation of Raj yog norms. Ravana and other ruler are the same category victim. So , such type of words should be delivered carefully.First the whole country population views to be collected on that point.If every one in ready then you can go for implementation of the words as policy. Before it you have to teach the public about effects on you sincerely. For that special restrictions have to follow. Sharp down fall of payment and products can be tolerated or not .You have to pull on the life with available thing .You can not desire for the yesterdays facilities till your on product  available in market. You can not ask the price hike .

Price hike fails all the plans. where cost effective is more there is a salvage depot of companies in the premature stage  beginning. One more important thing is that you have to leave the habit of bribery in hundred ratio.If bribery will be there no factory or firm can run for a year also.I do no know how Indian government fulfill this word of utterance. India is full of bribers. Every body is pulling others leg to hold his progress. It is more prominent un industrial sector.

Still I can believe and hope for the best to come out to see in future. Let us see!


Times Prime [CPA] IN

How to boost Energy Company

Now a day all the energy companies are near to fail or failed to function.The main remedy for it , to cut the price of electrical bills. You reduce your bill amount every year.Energy company will never fail. Second point is to maintain price of bill at level from it , public will not refuse to pay the bills happily.

Do no try to be Dhana Sheth in one night. You can try to increase the customers not the billing rates . Let it be in put be costly. In one year or so, it will generate the profit. Don’t go for unnecessary pay hike on the rebailian demand.

In place of payment hike , you can allot the share to the employees, by this their economic security is maintained. And employees will not for strikes and leaving the job from your side. Try to provide the shelter security while in job.

Use community conveyance mode to make profit.


Times Prime [CPA] IN

मौसम ने ली करवट

कल शाम को दिन भर की गर्मी से निजात दल बादल व पवन देव के विकराल रूप ने दिलाई थी है मौसम हल्की बूंदाबांदी से खुश नुमा हो गया है कल शाम से ही बादलों की बारात बाजे गाजे के साथ आ जा रही है। क ई जगह ओलावृष्टि का नाच भी दिखाया। नई पोशाक पहने पवन देव काफी सुन्दर लग रहे थे। पूरी प्रकृति झूक झूक कर सलाम कर रही थी। वह कार्य क्रम आज भी चालू है। काफी अच्छा स्वागत हो रहा है ठण्डी हवाओं का। सूर्य देव अपने तेज में कमी कर पवन देव का हौसला बढ़ा रहे हैं। दामिनी देवी ने फोटो ग्राफी का कार्य बखुबी निभाया। पटाखे व आतिशबाजी स्वयं मेघदूत सम्भाल रहे थे। वसुंधरा ने पिछले रंग का छत्र भेंट किया था। उसके कुछ लम्हें मै ने निहारे, वह आपके के अवलोकन के लिए यंत्र बंद करता हूं। शायद मिडिया फिल्म आप लोगों के लिए नहीं है वह लोड ही होना नहीं चाहती। अतः आप पढ़कर ही अहसास किजीये। सभी का नशीब एक सा नहीं होता है।शिक्षक सभी को एक जैसा ज्ञान देने के लिए होता है और देता भी है लेकिन सभी उस ज्ञान को ग्रहण नहीं कर पाते हैं ,एक ही जगह पर एक साथ बैठकर कर , एक ही समय में लिये ज्ञान में बहुत अंतर मिलता है। जब ग्रहण कर्ता का वह ज्ञान हासिल न के योग होता है तो शिक्षक की बातें उसे सुनाई नहीं देती है। देखने वाली वस्तुओं पर उसका ध्यान ही नहीं रहता है । इसे ही किस्मत कहते हैं। सब-कुछ बताने व दिखाने पर भी ज्ञान से वंचित रह जाते हैं।

बाद में इल्जाम लगा दियै जाते हैं कि हम को तो पढाया ही नहीं गया।अपने लिए सहेज कर रखने के लिए निम्न दबाव स्थल का उपयोग करे।

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अपना बुरा भाग किसी को किसी भी कीमत पर नहीं

आप हर रोज किसी न किसी समस्या से दुखी रहते हो। क ई प्रकार के इलाज करवा कर थक गये होंगे। बहुत सारा या सारा ही रूपया अपना बुरा भाग ठीक करने में लगा दिया गया । अब खाली हाथ भिखारी सी हालत बन गई होगी। इसके जिम्मेदार और कोई नहीं आप खुद है। अपने बुरे भाग पर रुपए खर्च नहीं करना चाहिए। आपको ठन ठन गोपाल कर देगा।बुरा भाग ही वह अनमोल खजाना है जो बिन मांगे छप्पर फाड़कर देता है।

लोग यहां एक गलती करते हैं वह अपने बुरे कर्म को किसी मंदिर , मस्जिद, गुरुद्वारा या गिरजाघर और टौनै टोटकों में रख आते हैं। उन कर्मों की वजह से लोगों को दुःख तथा गुरुद्वारा , मंदिर, मस्जिद व झाड़ फूंक करने वाले मजे करते हैं। अच्छे कर्मों के पास पिछले जन्म की संचित पूंजी होती है वह एक उम्र के बाद काम आती है।आप थोड़े से कष्ट में अपार धन दौलत को चौराहे या किसी जगह दान कर आते हैं। जिस आपने यह काम किया अगले दिन से आप के बुरे दिन लग जाते हैं। इसका पूरा प्रभाव सात महीने के बाद पता लगना शुरू हो ता है

जब आप को बिना किसी वैद्य व हकिम के पता चलेगा। तब सात बरस से सताईस साल लग जाते हैं।उस समय या तो आप के पास कुछ भी नहीं हो ता। यदि है भी तो आप बिछी बातों के कारण एक नारकिय जीवन जीते हैं। यदि आप हकीकत से रूबरू होने का माद्दा रखते हैं सुनने व सोचने का इल्म भी होना चाहिए। एक छोटा सा उदाहरण देता हूं। लोग लाखों खर्च करते हैं जिसके लिए , वहां उनको एक पैसा भी नहीं देना था। बगैर एक पैसा दिये , हस्पताल में कैंसर का इलाज हो सकता है। आपको बस, पता नहीं है कि कैंसर का मूल कारण करता है।

चलो किसी को बिना खर्च किए ठीक होना है तो इस, बात को अच्छी तरह अजमा लेना , फिर कहना की ,कैंसर कहां ग ई । कैंसर जल प्रधान व्याधी है। जो पानी की वजह से होती है। यह पानी नहीं , जो पानी पीने से यह बिमारी न के बराबर ही होती है। यह उस पानी से होती है जो आपने चोरी कर रखा है। किसी भी समय, इस जन्म या पूर्व जन्म में। दोनों अवस्थाओं का समय ,अलग अलग उम्र के लोगों में मिलता है। बच्चे पूर्व जन्म के भाग में तथा बड़े या वृद्ध इस जन्म की पानी चोरी के कारण कैंसर ग्रस्त होते हैैं।

आज कल कैंसर का प्रचलन बहुत हो गया है। इसके चोरों की संख्या राष्ट्रपति से लेकर कोई भी काम गार करता है। कोई सिंचाई का तो कोई घरेलू पानी की चोरी करते हैं और रोग का शिकार हो रहे हैं। इसका इलाज तो बिना किमोथेरेपी के भी हो सकता है लेकिन लोगों की अक्ल ठिकाने आती किमोथेरेपी के कारण। जब ज्योतिषी के पास जाते हैं तो पूर्वाग्रह कह अपनी फिस ली और चलता कर दिया। पुख्ता इलाज उन्होंने बताया ही नहीं । माता रानी सब ठीक करेगी , कह काम चला लिया।

यह किसी ने नहीं कहा कि खेती का माल , नगर पालिका का पानी का बिल, चोरी का तम्मान भरने को । यदि यह कह दिया होता तो पचास रुपए नगरपालिका के, सो रुपये माल खजाने के व हजार दो हजार सिंचाई विभाग का तमान जमा करवाना है जा ,भर आ ।सब ठीक हो जाएगा। सबको हजारों से लाखो देने के बाद भी ,सारा दिन कहरा कर , नरक भोग कर , अगले जन्म का दर दर की ठोकरें खाने वाला बन कर ,मौत की नींद सो जाता है। उसकी मौत पर कोई रोता नहीं है। सब कहते है ,एक खर्च चला गया। सबको तंग कर रखा था। यह है पूरे जन्म की कमाई।

अतः अपना बुरा भाग किसी को नहीं देना चाहिए, पता नहीं, कब उसकी आवश्यकता आन पड़े। यदि आपके शरीर में कोई तकलीफ़ हो तो डाक्टर के पास जाने या दवा दारू लेने से पहले ,अपनी याददाश्त से पूछे , कि किसी का बकाया ,उधार तो दर्द नहीं कर रहा । यदि याद आ जाते तो पहले वह चुका देना चाहिए। कभी दवा लेने की नौबत नहीं आएगी। बाकि आप की तथा आपके अहंकार की मर्जी।

समय ऐसा मोका कभी नहीं देता है यदि अहंकार की बू मुंह से निकल गई तो। देर आय दूरस्त आये। समय पर काम आये को ज्ञान कहा जाता है। बाकि बेकार। लोगों को शायद मेरी बात समझ में आ गई होगी। मुझे तो कल पता चल जाएगा लेकिन आपको इस बात का दोबारा मालूम सताईस वर्ष बाद में चलेगा। पूछे ना कांकरी पत्थर बोल पड़ा। अपना तो पूजा पहाड़ गया। तू कहां ठाकरी।, नंगे पांव चला दिया , कहे ना कांकरी।

पूरी कहानी लिखने की शायद जरूरत नहीं रहेगी। आप समझ गए होंगे। यदि नहीं समझे तो समय एक गतिमान शिक्षक है वह सब कुछ समझा देगा। किसी से वार्तालाप करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

अब लोकडाउन सरकार नहीं लू करेंगी

अब आप को सरकार के फरमान के लिए मानसिक परेशानी नहीं उठाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इसके लिए आपको सरकार के किसी आदेश के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा क्योंकि आजकल सरकार की जगह आपको लोकडाऊन में रहने के लिए गर्मी आदेश देगी । आज कल भयंकर रुप से गर्मी पड़ रही है लोगों को अपने घरों में कैद कर रही है यदि बाहर निकले तो आपको काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता हैक्योंकि सूर्य देव अपने प्रकांड तेज के साथ सिर पर दस्तक दे रहे हैं पूरे संसार की आधि व्याधि का नाश करने के लिए बहुत तेज गर्मी का उत्सर्जन कर रहे हैं जिससे करो ना जैसी भंयकर बीमारी का खात्मा कर सके ,चमड़ी जलाने वाली गर्मी बाहर आपका तहे दिल से इंतजार करती हैं , ताकि अपने ग्रह के रोग दोष दूरकर सके। जोहड़ कुंए को सुखाने को तत्पर है। ताकि उनकी सफाई के बाद साफ जल भरा जा सके। सभी पशु व पक्षी स्वच्छ जल पी सके ।और बिमारियों से बचे रह सके ।गर्मी से बचने के लिए अपने घर के अंदर रहे । यदि बहुत ही आवश्यक हो तो घर से बाहर निकले जब भी घर से निकले तो उसका समय सुबह या शाम का निश्चित कर लें।अन्यथा दोपहर को बहुत तेज गर्मी पढ़ती है और लू लगने का खतरा बना रहता हैलू से बचने के लिए पूरी सावधानी बरतने की जरूरत है। लू लगने से मौत भी हो सकती है। उल्टी ,दस्त, चक्र आना व बेहोशी हो सकती है।इन सबसे बचे कर ही ,आप गर्मी में अपने को ठीक ठाक रख सकते हो। इनसे बचने के लिए आपको घर के अंदर रहना या दफ्तर में रहना होगा। यदि कारण वश निकलना भी हो तो अपने साथ लू से बचाव के काम आने वाली सामग्री साथ में ले।जैसे कि पानी की बोतल। आइसिंग पदार्थ। जो पानी का तापमान कम रख सके। नींबू ब संतरा या उसके उत्पाद रखें।। रुहअफजा पानी में मिलाकर रखें। यह तापमान कम करने में मदद करता है। पानी ओ र ओ का ही प्रयोग करें।छाते का इस्तेमाल करें। खादी को महत्व दें ताकि आपकी त्वचा दमकती रहे। जब भी उल्टी का हसास हो संतरे या नींबू की गोली मुंह में रख लें। उल्टी नहीं आयेगी। या आधा नींबू चूसें। यदि चूस नही सकते तो चेहरे या मुंह के पास रखें।इससे आपकी उबकाई तुंरत बंद हो जायेगी।चेहरे को झुलसने से बचाने के लिए सनस्क्रिन लोशन का इस्तेमाल करें। आंखों पर फोटोजेनिक चश्में का इस्तेमाल करें।आप स्वयं का व गर्मी के लोकडाऊन के नियमों का पालन करें। इसमेें सरकार कुछ नहीं कर सकती। जो भी करना है तुम्हें ही करना है।

करोना का डर सताए तो

सामाजिक दूरी को ज्यादा दूर करने का एक तरीका जो है तो मंहगा लेकिन कारगर साबित हो सकता है क्योंकि कार में सफर करने से करोना नहीं होता है । तो , करोना को करो बाय, हुंडिई घर ले जाये । सोसल अलगाव का नयाब तोहफा

आत्म ज्ञान व करोना, एक शिक्षक अनुशासन का

धन्य है हे करोना वायरस जो उस दुनियां को काबू कर अनुशासन का पाठ पढ़ा दिया । जो दुनियां आज तक किसी भगवान के सिखकाये नहीं सिखी व सब तुने ऐसे सिखा दिया जैसे वे करोड़ों युगों से अनुशासन का पालन करने लग गये हैं। लोगों ताजूब हो या न हो , मुझे बहुत ताजुब हो रहा है। किसी ने कानून नहीं माना, सरे आम कानून की धज्जियां उड़ाने वाले लोग ,इतनी आसानी से हार मान अनुशासित हो जायेगें किसी को अहसास भी नहीं हुआ । यह सब उस आंखों से न दिखने वाले योद्धा करोना का कमाल है। इस धरती के लोगों ऐसा ही शिक्षक चाहिये था वह करोना के रूप में मिल गया है।

आजकल किसी भी भगवान से ज्यादा उसका नाम जपा जा रहा है हर तरफ से करोना की ही आवाज आ रही है। कहीं भी देखों करोना के मंत्र पढ़े जा रहें है। यानि कि सब जगह उसकी चर्चा हो रही हैं। कैससा अजीब योध्दा शिक्षक के रूप में आया है , बिना हथियार के सारी दुनियां में अपनी बहादुरी का लोहा मनवा दिया । वह भी थोड़े से दिनों में,सारा जग त्राही माम् कर उठा है। सब लोग उसकी बहादुरी के खौफ से व्याकुल हैं। सारी सरकारों ने कुबेर का है तु करोन हैखजाना खोल दिया है करोना के नाम पर । धन्य है करोना तु जो महाकाल भगवान बन गया। सारे लोग तेरी पूजा करेगें , तभी तु इस संसार से जायेगा।

जो लोग बसों में चढ.ने के लिये मारा मारी करते थे , वे करोना निरिक्षक के भय से बसों की ओर लखाना तक भूल गये हैं। बसों को देख डरने लग गये हैं कहीं करोना पढ़ाने न आ जाये । लोगों अकेले रहना व चलना सिख लिया  हैं पहले परिवार वालों के मना करने जिस जगह पर जाते थे , आजकल कहने पर भी नहीं जाते है, क्या अनुशासन लाया है करोना ,ऐसा तो फोज में भी देखने को नहीं मिलता है। धन्य है तू ।

मेरा एक काम करना , तू अपना बसेरा रण्डियों के कोठो पर व बलात्कारियों की जगहों पर अपना पक्का ठिकाना बना लेना ,झूठे ,मक्कार व भिखारियों से दोस्ती अवस्य निभाना ताकि लोग जैसे आपको गोली खिला कर मारते है वैसे ही इन रिश्वतखोरो को मारना ताकि समाज से बुराई का अन्त आपके साथ हो सके। तब तक चाहे जाना मत ,जब तक संसार सभी प्रकार की बुराई व अपराध मुक्त न हो जायें । धन्य है तू  जो काम करोड़ों वर्षों में भी नहीं होते । तूने बिना घूस दिये करवा दिये । मेरा कोटि कोटि सलाम तूझे।

अब तेरे लिये वस्त्र लेने को लोगों से कह दूं वे खरीद लेगें जब तू आये उनके पास तो ले जाना , मास्क व पी पी ई किट तेरे लिये काफी होगें। स्नान के लिये सेनिटाईजर भी ले जाना। सर्दी लगे तो आग प्रबंध कर दिया है ताप सेक लेना ।.

यदि आप के पास छोटी बचत है तो

यदि आपके पास थोड़ी बचत है तो आप लाभांश कमा रहे कम किमत के शेयर लेकर क ई गुणा लाभ ले सकते हैं।

इसके लिए आप कोरल फायनेंश व गायत्री प्रोजक्ट में निवेश कर सकते हैं दोनों ही कम्पनी लाभ दिखा रही है।आप अपने दलाल से सम्पर्क कर पूछ सकते हैं

Save Your Self From Hot Weather

It the month of may known as prickly hot weather.For the past few days the temperature shot up to 46 degree centigrade.It is very difficult to go out in noon . lot of sweating along with burning of skin with the ultra violet rays.hot air is blowing till the sun set. Lot of body fluid is lost with sweating.and electrolytic balance may disturb by the heat.

Therefore , always maintain health preservation traits. Keep all the required articles with all the time.Like umbrella,sun cream ,water, head gear,citrus fruit juice or o r s pkt.They are utmost to protect from heat in summer season.

If necessary to move out then only to be go out .Otherwise be inside shelter.Wear head gear.Drink lot of water to protect from dehydration.Maintain the electrolytic balance .If it imbalance ,it causes giddiness and syncope.So be aware of the facts and keep the remedial thing in your begs. so immediately energy can be replenished.

Wear cap or turban on head. put sun screen lotion or cream on face. Wear dark glasses on eyes to protect strain and headache. Umbrella also can be more beneficial to keep head cool.At regular interval to any citrus fruit or juice to quench the thirst. Wear cotton clothes . which observe the sweat and bring the temperature of the body down.

Be healthy keep healthy and enjoy the summer . Eat light meal , do not go for fermented and fried thing which causes indigestion ,vomiting ,fever and hypo tension. Sometimes can be fatal also.Good thing is Lassi to keep body cool and healthy, Always sip it for health.

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