क्या चीन वास्तव में भारत की भूमि पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। यदि ऐसा है तो कतई न करे । क्योंकि पहले अच्छी तरह सोच समझ लेना चाहिए कि युद्ध करने मिलता करता है केवल बर्बादी। एक अच्छा पड़ोसी होने के नाते ,यह कार्य बिल्कुल न करें।
यदि कहीं आग लगी होती है तो चलन उसमें जलने वालों को कभी नहीं होती है । जलन तो जो पास में खड़े होते हैं उनको या आग बुझाने वालों को होती हैं। युद्ध में आग भी होती है और पास में भी वहीं है जिन्हें जलन होती है। जलने से जलन ज्यादा खतरनाक होती है जो स्वयं की तबाही के बिना खत्म नहीं होती है।
यदि युद्ध करना है तो करोना का इलाज मत ढ़ूढों। युद्ध से ज्यादा लोग इसमें मारे जा रहे हैं। युद्ध में बेकार होकर नहीं मरना पड़ता है करोना में बेकार होना लाज़िमी हैं। भूखों भी मरना पड़ा सकता है। एक युद्ध तो संसार लड़ रहा है। यदि फिर दिल नहीं भरता तो, हर महीने में आने वाले तूफान का विश्लेषण कर लेना चाहिए।वह भी बहुत बड़ी-बड़ी कहानी कह कर जाता है।
तीसरा तुम्हारे अपने अररिया कलापों का जखीरा तुम्हें चैन नहीं लेने देता। जो विषैलापन फैलाया है प्रतिदिन वहीं तो अभी तक काबू में नहीं कर सके। औरों को काबू करके ,करता करोगे। भारत में , बहुत निक्कमें लोग रहतहै। एक धैले का का काम नहीं करते हैं तो ही खवाना पड़ता है।
वहीं लोग बात बात पर लड़ने पर उतारू हो जाते हैं। अतः भारतीयों से बच के रहना। न लड़ने वाले लोग पहले ही देश छोड़कर, दूसरे देशों में चले आते हैैं।इसको छोड़ आर्थिक-सामाजिक हालात ठीक करने का युद्ध लड़ने की आवश्यकता है । उस पर अमल करना चाहिए।
![Times Prime [CPA] IN](https://ad.admitad.com/b/zfkqlpgb5waeb84e2828d712228549/)
![JOCKEY [CPS] IN](https://ad.admitad.com/b/9ihc3af7nfaeb84e2828e01e0df27d/)