करोना का सफल इलाज व रोग प्रतिरोधक क्षमता सस्ते में

भारत के लोग 8000या 15000 रूपये , खांसी व जुकाम के इलाज के लिए देने में असमर्थ हैं। इतनी छुट दे ने पर तो प्राइवेट अस्पताल लोगों को जी लगा कर लूटेंगे।अब खांसी-जुकाम ही करोना बन जायेगा।।

और यदि नहीं लूटे तो लोक डाउन आ सकता है। अतः सस्ता सा इलाज है नींबू । यह भी तब तक काम करेगा ,जब तक नींबू के दाम लोगों को नहीं लूटेंगे। यदि मंहगे हुए तो रोग नाशक शक्ति समाप्त हो जाएगी।

सुबह शाम नींबू सेवन करें। करोना भगाये।। नींबू शरीर में रोग नाशक क्षमता प्रदान करने के साथ-साथ रोग व रोगी को भी ठीक करता है। इसलिए निंबू खाये और बेखौफ रहे।

Invest in Empower to be part of company.

Invest your decent income to increase industrial growth. Invest in Empower India . It is start to boost . At the close it was 0.19 on 29/06/20.

Most of the penny share s crossed the double the profit.It is good chance to get profit with bulk quantities. It is good time for small investers. Big fish may deny. Small fish always feeds. Hurry up.

By the time a market mover indulge in it. For demat you can link to the underlying link.https://bv7np.app.goo.gl/5nUPScU93Uh3kPzy8

बिहारी लोगों की भारतीय चुनाव आयोग

बिहार एक ऐसा प्रदेश है भारत में , जिसमेें हर सिजन में लोग धड़ल्ले से मरते हैं। गर्मी हो तो डि हाईड्रेसन से मर जाते हैं । फिर प्यासे लोग पानी की चाहत कर बैठते हैं तो बाढ़ बहुत से लोगों को निगल जाती हैं। फिर मन्नत मांग लेते हैं हमें अब यह सिजन भी नहीं चाहिए, यह हमारे सगे संबंधियों को निगल जाता है।

फिर किसी संध्या को भोले नाथ के यहां पहाड़ पर चढ़ जाता है। वहां उन जैसा मौसम मांग लेता है । बिहार के इलाके में बर्फबारी की ठंड उतर आती है तो उससे भी वहां मौत का तांडव नृत्य होने लगता है। बिहारी भोले नाथ से हाथ जोड़ लेता है । मुझे आप कुछ नहीं चाहिए है आप अपने ये मौसम वापिस लेने की कहता है।

इतने में एक बिहारी ब्रामण आकर ठंड ले लेता है। बिहारी तंग आकर , बिहार छोड़ दूसरे राज्यों में काम धंधे करने निकल जाता है। उसने सरकार से बहुत बार कहा और लिखा । भारत सरकार के मंत्रियों से , लेकिन कुदरत की आपदा कह कर , छुट्टी कर लेते थे।

अब एक सिजन और आ गया है करोना का सिजन। बिचारे बिहारी पहले ही परेशान थे।ऊपर से करोना की मार ,ऐसी कि काम करो तो मरो। सरकार ने सारे काम बंद कर दिये। बिहारी को काम न होने की वजह से बिहार में जाना पड़ा। अब बिहारी को डर है कि कहीं बिहार में , चुनाव करोना न फैल जाये। अतः सरकार से अनुरोध किया है कि बिहार के चुनाव टाल दिये जाते, जब तक करोना यम का राज बिहार में चले।

यह बात भारत सरकार के चुनाव आयोग के साथ है । वह चुनाव करोना जाने के बाद भी करवा सकता है। अब बिहारी का कोई कार्य सरकार खुशी के साथ करने में सक्षम है। बिहारी लोगों की मौत भारत सरकार टाल सकती हैं।। क्योंकि बिहार में एक दिन में चुनाव हो सकता नहीं। पान , कत्था,चुना, तम्बाकू, खैनी, जर्दा व बिड़ी किसी कि कहा नहीं मानते हैं। ये सब करोना के मातहत है। वे अपनी फर्ज अदायगी बखुबी निभाते हैं

अब करोना को वापिस भेजने है तो चुनाव टालने पड़ेंगे।
AliExpress WW

JOCKEY [CPS] IN

हरियाणा रोडवेज में प्राइवेट बसें बंद

हरियाणा रोडवेज में प्राइवेट बसों का परमिट बिल्कुल बंद हो सकता है तथा पुरानी बसों का संचालन आदेश पुर्ण रूप से समाप्त किया जा सकता है इसके लिए रोड़वेज के अधिकारियों व कर्मचारियों को एक काम करना होगा। वह उनकी यूनियन के नियमों के अनुसार ही है। जैसे की करो या मरो की नीति।

इसमें हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों को मरना पड़ेगा, जिन्दा रह कर । हर रोज की गलत भाषण बाजी गलत होती है। अब लोगों को बहकाने का आखिरी समय आ गया है । समय की परिक्षा में हरियाणा रोडवेज कर्मी पूर्ण रूप से असफल है। बीस साल में कुछ नहीं कर पाये तो आगे ,क्या करेंगे।

यह तो करोना की भल मनसी अच्छी निकली जो सारी बसें बंद करके दिखा दी। रोड़वेज कर्मचारियों ने करता किया। केवल अपनी प्राइवेट बसें खरीदी। और लोगों को बहका कर , अपनी बसें चला रहे हैं। लाखों बेरोजगारों के पेट पर लात मार दी। सरकार कहां से भर्ती निकाले। सारी वैकेंसी तो बसों के मालिकों ने खत्म कर दी।

अब इस समस्या का एक ही इलाज है वह है सारे रोड़वेज कर्मचारी अपनी बसों को कबाड़ में बेच दे। तभी उनके अखबारों में छपे छूठे भाषण सच हो सकते है।यदि चुनाव लड़ने के चक्कर में हो हल्ला कर रहे हैं तो साफ साफ बता दें कि रोड़वेज कर्मचारियों में से कोई चुनाव जीतने लायक नहीं हैं। न तब तक हो सकता जब तक, एक एक प्राइवेट बस कबाड़ न बिक जाते व दोबारा कभी न खरीदने की कसोटी पर खरे उतरे।
Times Prime [CPA] IN

JOCKEY [CPS] IN

मजदूर कहां व कैसे बनते हैं

आपने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि ऐसा होता होगा। लेकिन यही यथार्थ स्तरीय है। सभी प्रकार के राजनेता चाहे संसद सदस्य हो या पंचायत का मेंम्बर , सभी अगले जन्म के मजदूर होते हैं।

क्योंकि वह कोई कार्य नहीं करते हैं। सारा कार्य उनके अधीन कार्य करने वाले अधिकारी व कर्मचारी ही कार्य करते हैं। श्रेय नेता ले जाते हैं जब ब्रम्ह का न्याय होता हैैं तो अधिकारी को स्वर्ग व नेता को नरक मिलता है। वहां से उसे मजदूर के भाग लिख कर जन्म लेने के लिए निचे कलयुग में फैंक दिया जाता है।

यही है तर्कसंगत न्याय जो अवश्य मिलता है।

Design a site like this with WordPress.com
प्रारंभ करें