भारतीय जनता पार्टी की मुसिबतें खत्म होने का नाम नहीं ले रही है , इस पार्टी की सरकार जब संसद से में बैठी है कोई न कोई नई समस्या खड़ी हुई है, गाज सरकार पर गिरी है। पहले संसद पर हमला, प्याज की आसमान छूती किमते, गेहूं की किमत ,विदेश से आयात करने पर भी सरकार को संसद की दहलीज से बाहर कर दिया था।
अब बारी है शक्ल पदार्थों के साथ में बिमारी , बेरोजगारी, पेट्रोल, डिजल व किसान । हर कदम पर नाकाम होती सरकार ,करोना की बिमारी यदि वापिस आ गई तो ऐसी मनहूस सरकार को एक वोट भी नीं देगा , जो सिर्फ लूटेरो की पक्ष धर है किसान अपनी पूरी ताकत के साथ सरकार का रौंदने को तैयार है , वह लूटता तो हर जगह है, उसे लेते समय व देते समय लूटा जाता है ।
लेकिन अब कि बार किसान, सरकार की जड़ें तक खोद डालेगा शायद भारतीय जनता पार्टी को ऐसा समय कभी न देखा होगा ।अपने सदस्यों की जमानत जब्त होती नजर आयेगी। यह नहीं सोचना चाहिये कि अभी चुनाव में तो तीन वर्ष से अधिक समय पङा है।जनता की ताकत के सामने सरकार की ताकत कुछ नहीं होती जब लोकतांत्रिक प्रजातंत्र राज हो ।शकुन इतने भंयकर हो गये हैं कि
सरकार ने लाला लाजपत राय के कथन जो अंग्रेजों के खिलाफ बोला था वह भारत सरकार के विरूध कफन की कील साबित होगा । दिल्ली में सरकार के चारों ओर खुद कील गाड़ दी है सरकार ने , अंग्रेज तो चले गये थे , अब सरकार भी जायेगी उसी तथ्य को सच करते हुये ।
