हरियाणा सरकार ने प्रतियोगिता परिक्षा परिणाम को केवल तीन वर्ष के लिये मान्य कर हरियाणा के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। यह सब वोट की राजनीति के सिवाय कुछ नहीं है , छात्र फिस भरते रहते हैं सरकार किराया वसूल कर , फीस के माध्यम से , नकली कोर्ट केस कर पहले दिये विज्ञापन व परिक्षा परिणाम को कैन्सिल कर दोबारा विज्ञापन निकालकर रूपये ऐठने के ऐलावा कोई कार्य नहीं करती हैं।
अब चुनाव नजदीक आ गये हैं तो जम कर रूपये लूटने का कार्य शुरू करेगें । दूसरा जब 10 हजार में काम करने को मजबुर कर ठेका पर नौकरी कर दी है तो सरकारी नोकरी तो भूल जाने का जरीया बना दिया है । सारे दफ्तरों में गुरूदक्षिणा नामक नाम रिस्वत का धंधा हो रहा है। भरती तो शायद ही करे वे वैक्नसी उन्होने अगली सरकार के दौरान भी निकालनी है ।
अब तक 2017,18, 19 के विज्ञापन की भरती नहीं की है लोग ओवर औज हो गये हैं, लोग ऐसी सरकार रखकर करेगें क्या , यह समझने का विषय है क्यों लोग ऐसे गन्दे लोग चुन लेते है जिनको समय तक का ज्ञान नहीं।
