गीता ज्ञान ऋण उऋण वास्ते

चतुर्विद्या भजन्ते मां जनाः सुकृतनोअ्रजुन ।

आर्तों जिज्ञासुरर्थार्थी ज्ञानी च भरतर्षभ ।।

तेषां ज्ञानी नित्ययुक्त एस भक्त्तिर्विशिष्यते ।

प्रियो हि ज्ञानिनोअ्त्यर्थमहं स च प्रिय । ।

उदाराः सर्व एवैते ज्ञानी त्वात्मैव मे मतम् ।

आस्थितः स हम युत्त्कात्मा मामेवानुत्तमां गतिम् ।।

मन का शारीरिक आधार नहीं होता है

मन मनुष्य के कार्य कलापों से भटकाने वाली योनि को कहते है जिसका उसके शरीर से जन्म लेने व भोग भोगने के लिये किसी दूसरी योनि का सहारा लिया जाता है ताकि मनुष्य अपने पूर्व जन्म के भारों की निवर्ति कर सके । मन के अनुरूप शरीर में बदलाव होते है।

मन का भटकाव वही योनि की आत्मा होती है जिसका शरीर स्थावर योनि में जन्म ले चुका होता है अगलेेेेेे जन्म में मनुष्य में जन्म लेने के लिये अपनी एक किताब इक्कठी करवाता है अतः मन आदमी को भटकाव की आदत डाल देता है।

कैसा आदमी वऔरत का रंग रूप चाहिये, करवाता रहता है अच्छे व माड़े कर्म। वे सब पशु व अन्य योनियों के कर्म किये होते है दूसरी योनियों के प्रति आकर्षण कातता है तथा मनुष्य उनसे जुड़े अपराध सर बैठता है जिसे अगले जन्मे में भोगना पड़ता है।

यह एक सुपोर्ट सिस्टम है आधार नहीं। यदि मनुष्य का पुनरजन्म तो मन पर वह आसानी से काबू कर लेता है । अत रोगों का निदान उसकी योनि के आधार करना चाहिये। कई बार हम किसी को कह देते है , कि क्यों पशुओं का व्यवहार कर रहा है इसमें उसकी योनि का दोष है।

Thermal Power Station is Put off

Thermal Station has been set down due to short supply of coal. and the secondary the fossil fuel . But the govt . authority to use the local daily waist which can meet the 50 percent requirement the fuel . It is locally available by means of animal waste and other garbage.

But in this the official should be honest to their knowledge and close their eye toward their pocket. No dust should not inter the pockets of the officials and their eyes should see the paper of requirement not to the eye of the contractors and the public. And wait for the dust to fill the pockets.

Un skilled to be said namste ji for suitable place for dharna and agitation. It will be good for digestion of the public in the non working hour to digest the food and get recreation in the form to brush up their knowledge of history and correct the sinful act of past for future in the form to listen the Ragni.

All the good wishes for better tomorrow for Khedar and other Units.

थलसिमिया की बिमारी

बहुत लोगों ने इस बिमारी का नाम ही नहीं सुना होगा कि होता क्या है यह वास्तव में बिमारी है भी नहीं। यह पूर्व जन्म का बोझ है जिसको मनुष्य ढोता है । इसका मैं अर्थ बता दू। फिर आगे कारण व इलाज बताऊंगा । हैं तो पका इलाज लेकिन बहुत से लोग लालच वश मानते नहीं तथा इस नर्कीय बोझ को अपनी कमर लादे फिरते है

थलसिमिया का अर्थ है मेरी कन्या जन्म की भूमि । थल का मतलब जमीन , सि का अर्थ कन्या तथा मिया का अर्थ होता है मेरी । यह एक पुस्तैनी कारण है वह उसके नाम क्यों नहीं है जब कोई जन्म लेता है तो जन्म के साथ ही उसे पैतृक उतराधिकार के रूप में अचल सम्पति का हिस्सा नाम में मिलता है यह ब्रह्म सृष्टि का नियम है नहीं तो पैदा होने वाले का खाना पिना कदापि नहीं मिलता।

लोग लालच या अनभिज्ञता के कारण नहीं मिलता है , इसका सबसे बड़ा उदाहरण सती माता है जिसका हिस्सा महाराज दक्ष ने आज तक नहीं दिया है । इस कारण आप देख सकते है सती का काली रूप कैसा भंयकर हो गया है तथा जो शिव जी भगवान है सारे संसारों में भूखा व कूरूप हो कर बैठा है , दक्ष की हत्या करने पर भी भाग नहीं मिला।

ऐसे करोड़ों केस हैं लेकिन भारत में सबसे ज्यादा पंजाबी ,शर्णार्थियों में मिलते है कारण सपष्ट है वे विदेश से आये हैं जब तक उसकी जमीन ब्रम्हा के नाम दान नहीं होगी तब तक वह कितने ही लैंड लोर्ड परिवार में जन्म ले ले,उसे खाने के दाने नहीं मिलेगें यह पक्का नियम है। क्योंकि बलोक पिछले जन्म का लगा पड़ा है लोग रूपयों के झोले लिये फिरते हैं खाना गले नहीं उतरता है।

मन्दिर ,देवि देवता की पूजा से रूपये तो मिल जाते है लेकिन समस्या जो बिमारी का रूप ले चुकी है खत्म नहीं होती है। इलाज है बहुत ही आसान परन्तु होना दुर्लभ है। इसमें लालच आड़े आता ह, यह मेरी आंखो देखी बात है , किसी ने दान तो कर दिया लेकिन जो सामान दान किया था वापिस घर ले आया। अतः कोई फायदा नहीं हुआ।

मैने अजमाने के लिये वह तरीका किया बहुत नुकसान हुआ। नौकरी तक छुट गई।यह एक बार में भी नीं सकता है कोई बिरला ही होगा जिसका एक बार में हो। पता नहीं कितने जन्म का बलोक लगा पड़ा है शिव जी से पूछ सकते हैं सती ने दान पुन करते कितनी सृष्टी बित गयी है आज तक भाग ठीक नहीं हुआ है । जन्म दर जन्म बाप बेटी में मार काट मची रहती है।

जब तक दक्ष हिस्सा दान नहीं करेगें , यह समस्या बनी रहेगी। उसी प्रकार आप इस जनंम से उस जन्म तक का दान करे जहां से दान नहीं हुआ है यदि में जन्म किसी और के घर का है तो बहुत मुशकिल हो जाता है इसमें स्वयं दान कदापि न ले। दान करें । मरीज का भाग ब्रह्मा से मि लेगा किसी संकेत के तौर पर।केवल जमीन दान करनी है व भी कथन के तौर पर फीजिकल नहीं।

पितृ ऋण निवर्ति हेतू

त्रिभिर्गनणमयैर्भावैरेभिः सर्वमिदं जगत् ।

मोहितं नाभिजानाति मामेभ्यः परमव्ययम् ।।

दैवि ह्येषा गुणमयी मम माया दरत्यया ।

मामेव ये प्रपय्धन्ते मायामेतां तरन्ति ते ।।

न मां दुष्कृतिनो मूढाः प्रपध्यन्ते नराधमाः ।

माययापहृतज्ञाना आसुरं भावमाश्रिताः ।।

It the Market which avoid Anaemia

If you are suffering from anaemia condition which causes the haemoglobin level is low in your blood. It shows the symptom of giddiness, weakness, amaciated body , Loss of interest in work and tiredness.

It is not a disease but a condition arised by the socio economical status and some worm infection. It can corrected by eating the good healthy in the form of pulses . spurted grain , green leafy vegetables etc.

But it is possible if the market and pocket of the individual allow these . There is dearness and people are not able purchase these and they may depend on medicines which hamper the normal metabolic system of the body.

In the later stage the body denies to digest the normal food also. There fore is the local market and rate of eatable for it is with in the reach or not. If the public wants to get rid of this condition , then the rate should be low and with in the reach to purchase.

It is better to take less amount than to distribute free of cost and so un wanted cherity to make the mockery of patient and want to earn some blessing of gGod and the sufferer.

Care for pocket

You can take care of your pocket if you trade in share market or invest in matual fund. It will increase your saving as well remove your worries for future.

Here is a share I f C I which deals in purchasing of food grain and supply. You should not worry about this share . you can invest with out problem. It is traded at 10.85 at market close on friday.

गीता उपदेश जीवन दोष मुक्ति हेतू

बीजं मां सर्वभूतानां विद्धि वार्थ सनातनम्।

बुद्धिर्बुद्धिमतामस्मि तेजस्तेजस्विनामहम् ।।

बलं बलवतां चाहं कामरागविवर्जितम् ।

धर्माविरूद्धो भूतेषू कामोअ्स्मि भरतर्षभ ।।

ये चैव सात्त्विका भावा राजसास्तामसाश्च ये ।

मत्त एवेति तान्विद्धि न त्वहं तेषू ते मयि ।।

कलयुग का सच

दुनियांवालो कलयुग तो आपके हाथ में है रखना या खतम करना । कलयुग का अर्थ होता है झूठ जिस दिन तुमने झूठ बोलना छोड़ दिया , उसी दिन से कलयुग समाप्त हो जायेगा ।

जहां लोग झूठ नहीं बोलते वहां सतयुग ही होता है जहां राजनेता व उनके वजीर मंत्री देश द्रोही होते है वहां त्रेता युग होता है । तथा जहां पैतृक राजयोग का उल्लघन होता है वहां पर द्वापर युग होता है ।

गीता उपदेश स्वयं व पितृ ऋण मुक्ति हेतू

एतद्योनीनि भूतानि सर्वाणीत्युपधारयः ।

अहं कृत्स्त्रस्य जगतः प्रभवः प्रलयस्थता ।।

मत्तः परतरं नान्यत्किञ्चिदस्ति धनञ्जय ।

मयि सर्वमिदं प्रोतं सूत्रे मणिगणा इव ।।

रसोअ्हमप्सु कौन्तेय प्रभास्मि शशिसूर्ययोः ।

प्रणवः सर्ववेदेषु शब्दः खे पौरूषं नृषु ।।

पुण्यो गन्धः पृथीव्यां च तेजश्चास्मि विभावसौ ।

जीवन सर्वभूतेषु तपश्चास्मि तपस्विषु ।।

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