मोदी व खट्टर का स्वच्छ भारत

मोदी व खट्टर सरकार के करोड़ों रूपये खर्च कर भारत के गांव की क्या हालात कर दी है। इसकी ब्यान करती तस्वीर देखिये।

ऐसे वैसे नेता व मंत्री न बनाये

देश का इस से बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा जहां के मंत्री को यह पता नहीं कि राजनीति कहां करनी चाहिये। देश की अर्थ व्यवस्था के लिये सवाल राजनीति में नहीं उठायेगें तो कहां उठायेगें। राजनीतिक मंच पर देश की अर्थ व्यवस्था पर सवाल देश के वित्त मंत्री या अन्य मंत्री से सवाल करने पर ,पढ़ना जारी रखें “ऐसे वैसे नेता व मंत्री न बनाये”

सरकार का अन्याय

खाद्य पदार्थों का वितरण सरकार द्वारा किया जा रहा है उसमें देशी गाय या भैंस का घी २ या १ रू किलो मजदूरों को दिया जाना चाहिये ताकि वे स्वस्थ रह कर ठीक ठाक काम कर सके। क्योंकि सेहत ठीक रखने के लिये शरीर में वसा की बहुत जरूरत होती है। ताकि थके बिना लम्बेपढ़ना जारी रखें “सरकार का अन्याय”

नारंगी रंग का चाँद

आप को सफेद चांद तो हमेंशा दिखाई देता है।नीला चांद किसी ग्रहण काल में दि खाई देता है। संतरे रंग का चांद पूर्णिमा वाले दिन व व निकलता चांद दिखाई देता है। । शिखर में नारंगी रंग का चांद कभी नहीं देखा होगा। यह देखिये।

प्रैस की आजादी कहां है।

न्याय पूरक प्रैस रिपोरटर की हत्या करवा दी जाती है तो आजादी कहां है।सरकार बताये कितनी आजादी प्रैस को दी है। वे प्रैस रिपोरटर को तब तक कुछ नहीं जब तक उनके फायदे व पब्लिसिटी में सहायक होता है। अन्यथा हत्या करवा ने में लोगों को थोड़ा सा भी गुरेज नहीं है। चोर डकैत पब्लिसिटीपढ़ना जारी रखें “प्रैस की आजादी कहां है।”

किसान खर्च व हमियत

किसान कर्ज के बोझ को कम करने व अपनी हमियत बढ़ाने का स्वयं कारगर यह उपाय कर सकता है। जिससे वह अपनी जिन्दगी स्वस्थ तथा बगैर मानशिक तनाव के जी सकता है। जब तक किसान केवल अपनी जरूरत के ज्यादा फसल पैदा करेगा तब तक किसान की तथा उस की फसलों की बेइज्जती होती रहेगी।पढ़ना जारी रखें “किसान खर्च व हमियत”

केन्द्र सरकार की धोखा-धड़ी

केन्द्र सरकार सरकार ने आजादी से लेकर ,आज तक सरकारी कर्मचारियों के साथ महाघोर अन्याय किया है। बिजेपी सरकार ने तो नंगा नाच धोखा-धड़ी का खेल तमाशा कर दिया है। छूठी खबरो का प्रोपगंडा इस समय की भारत सरकार से ज्यादा कोई नहीं फैलाता। हर जगह छूठ बढाचढ़ा कर बोली जा रही है सच्चाई कापढ़ना जारी रखें “केन्द्र सरकार की धोखा-धड़ी”

दिल्ली छोड़ ने वाले

देश वासियों को दिल्ली छोड़ ने वालों को कहीं पर तथा किसी भी किमत पर जमीन नहीं देनी चाहिये।लोग रूपयों के लालच में अपनी जमीन खानाबदोश लोगों को दे देते हैं तथा खाना बदोश दो चार साल उस जगह पर रहेगें , गन्दगी फैला कर दूसरे स्थान पर गन्दगी फैला ने चल देते हैं। भारतपढ़ना जारी रखें “दिल्ली छोड़ ने वाले”

पराली का धुंआ

पराली के धुंये से खतरनाक धान की खेती है जो धान की रूपाई से लेकर कटने तक शरीर के हिस्सों को गलाने के रोग देती है। अब क्यों न धान की पैदा वार पर रोक लगा देनी चाहिये। कुछ हजार रूपयों के लालच को छोड़ कर कम पैदावार वाली तथा साफ सुथरी जगह पर पैदापढ़ना जारी रखें “पराली का धुंआ”

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