आपको जानकर दुःख होगा कि राजस्थान में एक जगह है पुष्कर उसका नाम पुराणों में पढ़ा व लोगों से सुना भी बहुत था। सौभाग्य से वहां पर जाने का मौका मिल गया। वहां पहुंचाने में तो कोई तकलीफ नहीं हुई। लेकिन वहां पहुंचकर ,देखने पर बहुत दुःख हुआ कि लोग कितने छुठे हो सकते है।वहांपढ़ना जारी रखें “पुष्कर ब्रम्ह सरोवर वहां है ही नहीं”
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पाकिस्तान में दूध
पाकिस्तान में गाय और भैंसे तो होती नहीं है वहां पर भेड़ व बकरियों का दूध निकालते हैं। भैड़ व बकरियों को वहां के लोग मार कर खा जाते हैं।इसलिये उनकी संख्या बहुत कम संख्या में दूध निकाला जाता है। तो दूध के दाम तो ज्यादा होगें ही। वहां का रूपया भी कमजोर होगा। वहांपढ़ना जारी रखें “पाकिस्तान में दूध”
जाती टोने के आंकड़े से
जादू टोनों के आंकड़ों से सरकार नहीं बनती है।सरकार ,लोगों के द्वारा दिये विश्वास से बनती है। महा राष्ट्र के लोगों ने टूटा फूटा मत व्यक्त किया है। ऐसे मत अभिव्यक्ति से सरकार कभी नहीं बनती है। मिली जुली सरकार किसी का भला नहीं कर सकती। क्योंकि इसमें उतरदायित्व कोई पार्टी नहीं लेती है।
संविधान के विशेषग्य
पता नहीं भारत में ही ऐसा क्यों होता है।जब पूरे घटना क्रम को पूरा समय दिया गया लेकिन सरकार बनाने में नाकाबिल हुये तो कह दिया कि राज्यपाल का फैसला गलत।क्या ये संविधान विशेषग्य दुनिया को बता सकते है कि जो मनुष्य पांच वर्षों में किसी भी राज्य के लोगों का आधा विश्वास अपने लियेपढ़ना जारी रखें “संविधान के विशेषग्य”
प्याज की किमत
प्याज की की किमत बढती नहीं है बढ़ाई जाती है।जबकि प्याज का पोष्टिक खाने की संग्यान में कोई महत्व नहीं।इसके कारण मुंह से दुर्गंध आता है रेट की बिमारी जिसे वायु रोग कहते हैं यह आपको समाज में हेय नजर से देखने पर मजबूर करता है। लोग नाक व भौह चढ़ाते है। फिर क्यों खातेपढ़ना जारी रखें “प्याज की किमत”
लोग पागल व झगड़े पर
लोग पागल व झगड़े पर उतारू क्यों होते है इसकी कारण ज्यादातर ही नहीं बहुदा बार किसी दुरात्मा के स्पर्श का खाना खाने से होता है। यह कर्म ज्यादातर सेवड़े बाबा या तांन्त्रिक लोगों के टोटकों के कारण होता है। तथा सारी उम्र दँड भोगने के शिवाय कुछ चारा लोगों नहीं चलता है। वह उनकेपढ़ना जारी रखें “लोग पागल व झगड़े पर”
सस्ते व मंहगा
समय के बाजार में सब कुछ सस्ता है।समय किसी भी वस्तु व आदमी का भाव तब गिरा दे ,पता नहीं चलता।अतः समय को महत्व देना चाहिये।
सेहत व आमदनी
आजकल आम आदमी का मंहगाई के कारण व बेरोजगारी के कारण जीना बहुत ही कठीन कार्य हो गया है।आदमी काम धंधे की तलाश में मारा मारा फिरता है।कोई काम नहीं मिलता है इसके लिये वह चिन्ता में अपनी सेहत भी गंवा देता है उसे खांस व चिन्ता के कारण तपेदिक जैसे जानलेवा रोग भी गलेपढ़ना जारी रखें “सेहत व आमदनी”
बैंक में रूपयों को कोई डर
यदि सरकारी बैंक सुरक्शित नहीं है तो प्राईवेट का तो किसी भी प्रकार व एक प्रतिशत भी विश्वास किसी भी किम्मत पर विश्वास नहीं करना चाहिये। सारी सुरक्सा तो सरकार द्वारा वित्तिय मामलों में दी जाती है।सरकारी बैंक दिवालिया नहीं होता है ।यदि यह नौबत आता है तो सरकार जानबुझ कर बैंक को दिवालिया करपढ़ना जारी रखें “बैंक में रूपयों को कोई डर”
पुराने व नोट बंदी के रूपये
मोदी सरकार अब राशन बन्द कर रूपये देने जा रही है। ये ज्यादातर वे नोट होगें जो जो नोट बंदी में बन्द हो चुके हैं या नकली नोंट है। यह रूपये उन एरिया के लोगों को दिये जाये गेम जहां आबादी अनपढ़ है तथा असली नकली की पहचान नहीं जानती। रूपये देकर बनियों के साथपढ़ना जारी रखें “पुराने व नोट बंदी के रूपये”
