फ्लोर टेस्ट व कोर्ट का फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के राजनीतिक हालात में जो फैसला देने में देरी कर रही है। जितनी देर करेगी ,इस केस में राज्य की जनता,यदि किसी भी पार्टी ने भड़का दी तो , देश को ,कोर्ट के फैसले में देरी के कारण, देश को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा। क्योंकि ज्यादातर पार्टी एेसी स्थिति में जनतापढ़ना जारी रखें “फ्लोर टेस्ट व कोर्ट का फैसला”

चुनाव संहिता

यदि लोक सभा चुनाव आने वाला है २०२४ का।मैं भारत की जनता की राय जानना चाहता हूं क्या पूरे भारत की जनता मुझे अपना मत अभिव्यक्ति का पक्स देगी।जनता मुझे किसी प्रकार भी नहीं जानती है। जिस प्रकार राज्यपाल व राष्ट्रपति को जनता नहीं जानती है। केवल प्रधानमंत्री को ही जनता सीधे तौर पर जानतीपढ़ना जारी रखें “चुनाव संहिता”

लड़ाई होती नहीं कराई जाती है।

आप को जानकर आश्चर्य होगा कि कि लड़ाई झगड़े होते नहीं है कराये जाते हैं। तथा उसमें मरने वाले शतप्रतिशत निर्दोष होते है।जो हथियार बनाने वाली कम्पनियों के कारण होता है।सुरक्सा के नाम पर बनाये जा रहे हथियार जब टेस्ट किये जाते है तो इसमें निर्दोष की हत्या की जाती है चाहे जानवर ही क्योंपढ़ना जारी रखें “लड़ाई होती नहीं कराई जाती है।”

रोने से आँखों की रोशनी तेज

न रोना शब्द अच्छा है ,न ही आदत । रोने से आप ही नहीं ,आस पास के लोग तक परेशान हो जाते है। दुःख में रोने का सेहत पर वैसे तो बुरा असर होता है लेकिन किसी रोग या व्याधी के कारण शरीर के मनोभाव पर रोक लगी हो तो ,रोने से स्वास्थय पर अच्छापढ़ना जारी रखें “रोने से आँखों की रोशनी तेज”

जिन्दा हूँ मर कर

जिन्दा हूँ मर कर ,इसी राह में कोई एक राह गिर मिल जाये। जिन्दा रह कर कितना काम आया औरों के जी कर ,देखूंगा मर कर कितना काम आऊंगा औरों के। सलामती रह नहीं पायी चाह कर, जिसके काम आया रोंदा उसी ने बलवान बन कर । कितने बेरहमी से हथियार चलाये तन पर। शायापढ़ना जारी रखें “जिन्दा हूँ मर कर”

कानून का सबब

जिस देश में भिखारियों को पालने के लिये कानून व मन्दिर मसजिद गुरूद्वारे बने ,उस देश को तबाह होने से कोई ताकत नहीं बचा सकती है। क्योंकि जब उस ताकत का घर तुम बना कर दे रहे हो तो कोई भी भगवान व देवता तुम से बड़ा नहीं है। मन्दिर मसजिद गुरूद्वारे में भिखारी केपढ़ना जारी रखें “कानून का सबब”

देश की सरकार की मंशा?

देश की सरकार की मंशा देश बेचने की हो गई है। सरकार की जगह इस्ट इडिंया कम्पनी की तर्ज जैसी कोई कम्पनी लाने के लिये भारत सरकार पूरे जोर शौर से प्रयास रत है। आये दिन सरकारी कम्पनियों की हिस्सेदारी बेचना एक प्रमुख उदाहरण है भारतीय जनता पार्टी की सरकार देश में लूट खसोट करनेपढ़ना जारी रखें “देश की सरकार की मंशा?”

कड़वा सच

किसी की धर्मपत्नीं जब किसी भी मंदिर आदि स्थलों में अकेली व बिना पति कें जाने लगती है तो उसके पति की अकाल मृत्यु या उसके पति की मृत्यु पहले होती है।यह एक कड़वी सच्चाई है।।यदि इस तथ्य की सच्चाई जानना चाहते हो तो, एक ढ़ूढोंगे तो करोड़ों मिलेगें। आप इस बात का पता लगानेपढ़ना जारी रखें “कड़वा सच”

पेड़ नहीं जमीन सांस लेती है क्या

टेलीविजन पर दिखाई जा रही वस्तु स्थिति कि जमीन सांस लेती है।जो विडियो दिखाई गई है इसमें पेड़ तो हिलेगें जब जमीन उपर नीचे होती है। उसमें जो कुछ हो रहा ,यह सब भूकंप आने वाली जगहों पर होता है । कभी न कभी वह ज्वालामुखी बन कर फट जायेगा। वहां के आस पास कीपढ़ना जारी रखें “पेड़ नहीं जमीन सांस लेती है क्या”

Why the company goes in loss

When the company implies the unjustified profit and impliment robbers law to the public . Then any company start decline in every aspect and go for fate of bankruptcy. I was watching a YouTube video that was telling a conspiracy to burgle the public and loot them and run away. He was narrating about theपढ़ना जारी रखें “Why the company goes in loss”

Design a site like this with WordPress.com
प्रारंभ करें