गीता ज्ञान ऋण उऋण वास्ते

चतुर्विद्या भजन्ते मां जनाः सुकृतनोअ्रजुन । आर्तों जिज्ञासुरर्थार्थी ज्ञानी च भरतर्षभ ।। तेषां ज्ञानी नित्ययुक्त एस भक्त्तिर्विशिष्यते । प्रियो हि ज्ञानिनोअ्त्यर्थमहं स च प्रिय । । उदाराः सर्व एवैते ज्ञानी त्वात्मैव मे मतम् । आस्थितः स हम युत्त्कात्मा मामेवानुत्तमां गतिम् ।।

मन का शारीरिक आधार नहीं होता है

मन मनुष्य के कार्य कलापों से भटकाने वाली योनि को कहते है जिसका उसके शरीर से जन्म लेने व भोग भोगने के लिये किसी दूसरी योनि का सहारा लिया जाता है ताकि मनुष्य अपने पूर्व जन्म के भारों की निवर्ति कर सके । मन के अनुरूप शरीर में बदलाव होते है। मन का भटकाव वहीपढ़ना जारी रखें “मन का शारीरिक आधार नहीं होता है”

Thermal Power Station is Put off

Thermal Station has been set down due to short supply of coal. and the secondary the fossil fuel . But the govt . authority to use the local daily waist which can meet the 50 percent requirement the fuel . It is locally available by means of animal waste and other garbage. But in thisपढ़ना जारी रखें “Thermal Power Station is Put off”

थलसिमिया की बिमारी

बहुत लोगों ने इस बिमारी का नाम ही नहीं सुना होगा कि होता क्या है यह वास्तव में बिमारी है भी नहीं। यह पूर्व जन्म का बोझ है जिसको मनुष्य ढोता है । इसका मैं अर्थ बता दू। फिर आगे कारण व इलाज बताऊंगा । हैं तो पका इलाज लेकिन बहुत से लोग लालच वशपढ़ना जारी रखें “थलसिमिया की बिमारी”

पितृ ऋण निवर्ति हेतू

त्रिभिर्गनणमयैर्भावैरेभिः सर्वमिदं जगत् । मोहितं नाभिजानाति मामेभ्यः परमव्ययम् ।। दैवि ह्येषा गुणमयी मम माया दरत्यया । मामेव ये प्रपय्धन्ते मायामेतां तरन्ति ते ।। न मां दुष्कृतिनो मूढाः प्रपध्यन्ते नराधमाः । माययापहृतज्ञाना आसुरं भावमाश्रिताः ।।

It the Market which avoid Anaemia

If you are suffering from anaemia condition which causes the haemoglobin level is low in your blood. It shows the symptom of giddiness, weakness, amaciated body , Loss of interest in work and tiredness. It is not a disease but a condition arised by the socio economical status and some worm infection. It can correctedपढ़ना जारी रखें “It the Market which avoid Anaemia”

गीता उपदेश जीवन दोष मुक्ति हेतू

बीजं मां सर्वभूतानां विद्धि वार्थ सनातनम्। बुद्धिर्बुद्धिमतामस्मि तेजस्तेजस्विनामहम् ।। बलं बलवतां चाहं कामरागविवर्जितम् । धर्माविरूद्धो भूतेषू कामोअ्स्मि भरतर्षभ ।। ये चैव सात्त्विका भावा राजसास्तामसाश्च ये । मत्त एवेति तान्विद्धि न त्वहं तेषू ते मयि ।।

कलयुग का सच

दुनियांवालो कलयुग तो आपके हाथ में है रखना या खतम करना । कलयुग का अर्थ होता है झूठ जिस दिन तुमने झूठ बोलना छोड़ दिया , उसी दिन से कलयुग समाप्त हो जायेगा । जहां लोग झूठ नहीं बोलते वहां सतयुग ही होता है जहां राजनेता व उनके वजीर मंत्री देश द्रोही होते है वहांपढ़ना जारी रखें “कलयुग का सच”

गीता उपदेश स्वयं व पितृ ऋण मुक्ति हेतू

एतद्योनीनि भूतानि सर्वाणीत्युपधारयः । अहं कृत्स्त्रस्य जगतः प्रभवः प्रलयस्थता ।। मत्तः परतरं नान्यत्किञ्चिदस्ति धनञ्जय । मयि सर्वमिदं प्रोतं सूत्रे मणिगणा इव ।। रसोअ्हमप्सु कौन्तेय प्रभास्मि शशिसूर्ययोः । प्रणवः सर्ववेदेषु शब्दः खे पौरूषं नृषु ।। पुण्यो गन्धः पृथीव्यां च तेजश्चास्मि विभावसौ । जीवन सर्वभूतेषु तपश्चास्मि तपस्विषु ।।

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