हमारे शरीर में बहुत सी बिमारी हमारे शरीर के नाभि चक्कर के कारण होती है कुछ तो हमें पता नहीं होताहै , यदि पता होता है तो उसे ठीक करना नहीं आता है ,दूसरा इसको ठीक करने वाले भी कम ही मिलते हैं जो मिलते है तो उनका ठीक करने के तरीके में दर्द काफी होता है
ऐलोपैथी में इसका कोईआज तक इलाज नहीं हैं न ही यह किसी अल्ट्रासाउड में आती है।इसके दो पक्के लक्षण हैं यदि ऊपर की ओर सरक गई है तो कब्ज हो जायेगी और यदि नीचे की तरफ खिसक गई तो दस्त लगेगें। इसके सरकने कारण शारीरिक गर्मी बढ़ने, बोझ उठाते समय पेट की मांसपेशियों में खिचाव आने से, कूदते समय, संभोग अधिक करने से।
ऐलोपैथी में दवाई लेने पर एक दो दिन कुछ आराम हो सकता है यदि मटाबोलिक सिस्टम में गड़बड़ के कारण ,आन्तरिक तापमान बढ़ गया है तो इसमें नाभी नीचे चली जाती व दस्त लगने लगते है यदि ऊपर चली गई तो तापमान कम हो जायेगा , भूख कम लगेगी, लीवर के आसपास दर्द व सूजन सी महसूस होगी ।इसको ठीक जगह पर लाने के लिये ,आपको किसी दूसरे पास जाने की जरूरत नहीं। आप स्वयं ठीक कर सकते है
वैसे तो किसी भी समय ठीक कर सकते है लेकिन यदि खाली पेट हो तो आसानी से कम तकलीफ में सही हो जाती है । इसकी पहचान है जब आप अपने पेट को देखेगें तो आपकी मिडियल लाइन टेढ़ी हुई मिलेगी।करोनिक होने के बाद पेट में हलका दर्द हमेशा बना रहता है। जो ऐलोपैथी की दवायें बार बार खाने से होता है।
पहले समतल जमीन पर सीधे लेट जाये, दोनों पैरों को सीधा व मिला कर रखे।हाथ शरीर के साथ में सीधा रखे।अब आपको नाभी देखनी है कि बायी ओर है या दाई ओर,यदि बायी ओर सरकी नजर आती है तो दायें पैर , यदि दाई ओर सरकी दिखाई दे तो बायें पैर के पंजे को घुटना मौड़े बिना निचे की ओर जोर से दबायें जिससे पांव में खिचाव की स्थिति पैदा हो जाये तब तक करे जब तक दर्द सहन लायक हो।फिर पंजे को सिधा कर ले।इस प्रकार दो तीन बार करने से पुरानी से पुरानी गड़बड़ हुई नाभी सही जगह पर आ जाती है
यदि खिंचाव असहनीय हो जाये तो आप एकदम से सीधा खड़े हो जाये ताकी खिचाव व दर्द कम हो जाये ।सही होने पर कुछ खा व पी सकते हो। खिचाव का दर्द यदि सहन कर सको तो कुछ सैकंड के लिये । तो दर्द अपने आप कम हो जाता है तथा सारे शरीर में हलकापन तुरन्त महसूस हो जाता है। यदि आप स्वयं कर सकते तो बहुत अच्छा , नहीं तो जानकार की सलाह व निगरानी में करें।
