दूसरे देशों में और कहीं मूर्ख ढूंढने जाना पड़ता हैं ,लेकिन भारत में अब बिना ठोकर लगे ही मिलने लग गये हैं। अभी सेबी ने एक मूर्खता भरा कानुन बना ,लोगों को लुटने का प्रोग्राम तैयार कर 1अगस्त से लागू कर दिया है। भारत में सामान्य समय में देश के उद्योग धंधे सरकार की गलत नीतियों के कारण 70 प्रतिशत बंद हो गये हैं
इसलियेभारत में मूर्खों की कमी नहीं व अंग्रेजों जैसी कितनी ही विदेशी जातियां राज कर छोड़ गई परन्तु भारतीयों की मूर्खता कम नहीं हुई। लोग मूर्खों को व भारत का राज तक छोड़कर चले गये । इसी कारण लोग भारतीयों से घृणा करते है ।बुलाने पर भी राज करने नहीं आयेगा । क्योंकि जो स्वयं अपने देश को उजाड़ रहे तो दूसरा किसी भी हालात में नहीं बचा सकता है।
ज्यादातर निलामी के दौर से गुजर रहे हैं, कुछ करोना ने खा डाले । बाकि बचे को सेबी खा डालेगी।निवेशक पहले ही कम है अब निवेश विरोधी नियम लागू कर दिया। थोड़ें से लोग बचे थे वे भी अपना पैसा निकाल , शेयर बाचार से दूर हो गये है किसी भी शेयर की बोली देने वाले नहीं बचे हैं , एक आध को छोड़कर।
सेबी को विकसित तकनीक नहीं चाहिये,इसका उदाहरण उसके दो दिन बाद में बेचे शेयर के रूपयें मिलेंगे। दो दिन तक सेबी के अधिकारी उन रूपयों का इस्तेमाल अपने पर्सनल प्रयोग में करेगें ।बल्क में अपने शेयर खरीद व बेच सके।इससे निवेशक पूर्णरूप से गायब हो जायेगा । खरीदते समय यदि टैक्स लिया तो भूलकर भी कोई निवेशक ढूंढा भी नहीं मिलेगा
यह तो वह बात हो गई , फसल बोनी नहीं दी और खाने क आनाज दो । यदि अधिकारियों में थोड़ी सी भी बूद्धी है तो देश उजाड़ने का काम न करें।
