भारत के सभी लोगों को करोना की इस दुःख भरी दासतां की जींदगी में लोगों के जीवन से खिलवाड़ करने के धंधे लोगों ने निकाल लिये हैं।इसलिये सावधान हो जाइये ताकि करोना की बिमारी से बचा जाउसका सके।लोग दूसरे देश के लोगों को मुहरा न बनाना। धन के लालची लोग रुपये सड़कों पर फैंक रहे हैं वे चाहे संक्रमण ग्रस्त हो या न हो , लेकिन दवाई व मास्क बेचने वालों की घिनोनीं साजिस अवश्य हैं।
सबको पता हैं कुछ दिन है दुकानों में पड़ा बैकार कपड़ा , इस इमरजन्सी में लोग बहका के मास्क के तौर पर बेच कर वारे न्यारे कर ले। यदि ये रुपये संक्रमित हुये तो जान तक से हाथ धोना पड़ेगा। साथ में रुपये की बरबादी भी। एक गैंग और सक्रिय हो गई है ,वह है धर्मशाला व होटल मालिको की गैंग। जहां साफ सफाई तो पहले ही नहीं होती थी। रोग कारक ये स्थल पहले से महसूर हैं इधर के किटाणु उधर किया जा रहा है।अब लोगों धर्मशाला से निकल जाने की धमकी व होटल में रहने को मजबूर किया जा रहा है।
वास्तविक हकीकत यह है जिसको जान कर लोग ,लोगों को जान से मार देते हैं। पिछले 10 -15 वर्षों से लोगों ने रियली स्टेट का धंधा किया । बैंकों से करोड़ों रुपया कर्ज लिया। उसका ब्याज तक चुकाने की हेसियत किसी में रही नहीं। लोगों ने इतनी कलोनी व होटल बना दिये जितनी भारत की जनसंख्या भी नहीं है। रहने कौन आये। कितने किरायेदार लाये,लोगों ने कई – की प्लाट व फ्लेट ले लिये, सब्जी की तरह की शाम को खा लेंगें। सब्जी तो नहीं बनी, लेकिन करोना बन गया। शाम की सब्जी के पैसे अब किसी भी बिल्डर व कलोनी निर्माता व प्लाट खरीदने वाले और किराये पर मकान देने वाले के पास। सामान बिक नहीं रहे हैं।
खेति लायक जमीन थी , उसमें पत्थर हो दिये हैं। खाने के लाले पड़ गये हैं बि जे पी सरकार ढाई रुपयें में राअशन दे रही है फिर भी लोग भिखारी वाली लाईनों में खड़े है। यह सब बड़े- बड़े भू माफिया का हाल है।आगे आने वाला समय ,हाथ में जूती लेकर दो किलो दाने पैदल चल बेचने का आने वाला है। लोग करोड़ो अरबों के शोपिगं माल खोल रही है। बहुत ही कठीन घड़ीआने वाली है।क्योंकि हर एक की सीमा जोती है। फिर उसी ढहरे पर आना होता है।अत: अपना ढहरा बचा कर रखिये।
आने वाले हजारों वर्षों तक रियली स्टेट कोई फायदा नहीं देगी। षडयंत्र तो एक बार कर सकते हैं।परिणाम महाभारत की तरह शुन्य। महाभारत की असलियत सुन ,सारे कौरव कै साथ में पाण्डू के पुत्रो की भी वंशावली भी समाप्त हो गई थी। पांडु पुत्रों को डूब कर मरना पड़ा था। महान योद्धा अर्जुन के वंश का कुछ भी नहीं बचा था। तो रियली स्टेट है उसी का नाम, महाभारत है। अत: सम्भल जाओं। षडयत्रों में कुछ नहीं रखा है।
