संसार के .जन मानस को यह समझना बहुत आवश्यक है कि कोई देश क्या कर रहा है् तथा क्यों कर रहा है। अब चीन की बात ले ,उसे लोगों को बिमार करने वाले वायरस पैदा करने की क्या जरूरत आन पड़ी। इसके पिछे दो कारण हैं।एक तो उसके यहां जनसंख्या इतनी ज्यादा है कि उसको उन्है बसाने के लिये और जगह की जरूरत आन पड़ी। यदि लड़ाई करता है तो नुकसान चीन का ज्यादा होगा। यह कुदरत का नियम है जो लड़ाई करेगा उसी का नुकसान व खात्मा होता है।थोड़ा नहीं बल्कि सम्पूर्ण विनाश तक , लड़ाई करने वालों का हुआ है। इतिहास गवाह है जिसने लड़ाई की पहल की उसकी हार निश्चित हुई है।
रावण, चण्ड-मुण्ड, शुम्भ-निशुम्भ तथा आज कल के युद्ध में लादेन, सदाम,पाकिस्तान , कहीं का उदाहरण देख लो ।अब चीन ने बायो हथियारों से दूसरे देशों की भूमी पर कब्जा करने की कोशिश की है चीन यदि अपने लिये करता है तो कोई बात नहीं , वहां की जनसंख्या कम कर सकता है। नहीं तो इराक व इरान ने भी य़ह पैदा किये थे क्या फायदा मिला।चीन में मनुष्य बहुत थे उन पर ही सीधा शौध कर लिया होता।ताकि मानव जाति का भला जल्दी हो जाता। करोना भीड़ का इलाज , करोना वायरस न बनाओं, चीनी लोगों।

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दूसरा कारण यदि अमेरिका को अपनी शक्ति दिखाना चाहता है तो किसी ऐसे कार्य में दिखाते जिससे चीन को नुकसान होता हो।ऐसे आविष्कार स्वयं के लिये घातक होते हैं। विश्व युद्ध में फ्रांस के विज्ञानिक हालत सबको मालूम है। फ्रांस की सरकार द्वारा मना करने पर , उसने फार्मूला इंगलैंड की सरकार को बेच दिया। जो न बी सी बम्ब बनाया गया ,उसका इस्तेमाल उसी विज्ञानिक की मौत कारण ,पहला ही बम्ब फ्रांस में विश्व युद्ध में हुआ।अब बताओ कि चीन क्या नुकसान नहीं होगा। चीन का आविष्कार बैवकूफी भरा है।इस विषय में इन पुस्तकों के सहारे विवेचन कर सकते हैं
