आज मैं एक ऐसे मुद्दे पर प्रकाश डालने की कोशिश करता हूं। जो समाज के समाने एक विकट ,समस्या बन कर खड़ी है। हर रोज बच्चे आत्महत्या कर रहे है। इसके पिछे छुपे कारणों के बारे में अपने विचारों के साथ तथ्यों का अवलोकन करवा दूं। इसके पिछे नहीं, आगे आने वाले समय के लिये हम ,समाज के आधारभूत मनुष्य ही तो जिम्मेदार हैं। लेकिन अपने किये घिनोने कार्यों के परिणाम का दोष ,बच्चों पर डाल कर ,उन्हें मार्ग से भटकाने पर मजबूर कर देते हैं। जब उस दोष के कारण बच्चों को डांट-फटकार लगाये हैं तो उनका अन्तरमन क्षोभ से भर उठता है और वे कृत्य कर बैठते हैं तो नहीं करना चाहिए।जिसमें उनका कसूर ज़रा सा भी नहीं हैं।
अब आज की दैनिक भास्कर की खबर की ओर ध्यान आकर्शित करना चाहता हूं। जैसा बच्चे देखें, सुने व पढ़गें , वैसा ही जवाब देंगे।जब हम अपनी आगे आने वाली पुस्तों को ग़लत पढ़ायेंगे तो, कहानी तो ग़लत ही बितेगी। जो भी कर रहा है अच्छा करते -करते खराब करने लगे। जिसे इतिहास स्वीकार नहीं करता।जो बालकों पर विपरीत प्रभाव डालेगा। व अनहोनी घटित होगी। कर्मों न पहले ही सचेत होकर काम करें ताकि घटना ,होनी का रूप न अख्तियार न कर सके।ज्ञान की गंगा को झूठा न लिखो व करो।

मामला अयोध्या में राम मंदिर का हैं लोग राम को आदर्श मान कर अपने जीवन में,बनने की कोशिश करते हैं। यदि वहां पर कोई ग़लत वह।तुस्थिति दर्शायी जाती है तो उसका अनुशरणकर्ता पर क्या दुष्प्रभाव पड़ेगा।अब वहां पर भगवान राम का राज दरबार लगाने का कार्य होने जा रहा है। वैसे तो ठीक है राम राजा थे तो राजा कहना चाहिए। दरबार में बैठना चाहिए। लेकिन वे राज सिंहासन पर तो नहीं बेठेगें। क्योंकि उनके लिए जो सिंहासन लगाया जा रहा है ,वह चांदी का है जो इतिहास को गंवाया नहीं। सबसे बड़ा झूठ का कार्य किया जा रहा है। राम सूर्यवंशी राजा थे। किसी भी सूर्यवंशी राजा का सिंहासन सोने का होता है। श्वेत तो उसमें विराजमान शेर भी नहीं होते हैं। वे भी पीले रंग के होते हैं।
अब बताओ क्या सही इतिहास दिखा रहे हो। आने वाले समय में लोग करता खाक सही पढ़ें व देखेंगे। लोगों की मूर्खता , राम को चन्द्र वंशी दिखायेगी। जो आपके बच्चों के दिमाग में , झूठ ही तो भरेगी। वह जो झूठ देखेगा ,वह बोलेगा भी। जो उसके पतन का कारण बन जायेगी।घर व बाहर झूठ बोल कर, अपमानित होगा जो उसे मानसिक रूप से कमजोर करेगा। मानसिक प्रताड़ना के कारण , आत्महत्या जैसे कदम उठाए जायेंगे।उस समय किसी डॉक्टर तो क्या , भगवान के भी हाथ में नहीं रहेगा।परिणाम भोगने पड़ेगें। अतः अभी समय है इस ग़लत बनाने व दिखाने की प्रथा को रोका जाये। अन्यथा अनहोनी के घटित होने का इन्तजार करे।
