कोल्ड स्टोरेज में रखे खाने से तकलीफ व रोग तो फैलते हैं लेकिन कैन्सर व लेपरोसी जैसे रोग बहुत लम्बे समय तक प्रयोग करने से होता है।इसमें रोगों के इलावा खाना बनाने में ईन्धन भी कई गुणा ज्यादा खर्च होता है। फ्रीज में रखे दूध का सीधा प्रयोग करने से गले के रोग व बच्चों में निमोनिया नाम की बिमारी फैलती है।
कोल्ड स्टोरेज के खाने से वायु दोष व अपच के रोग होते हैं। कोल्ड स्टोरेज में रखे सब्जियां व फलों से ,बाहर रखे सब्जियां व फल पर बहुत ही जल्दी सड़ ने का असर पड़ता है। जबकि बिना कोल्ड के रखे सामान लम्बे समय तक रखा जा सकताहै। अतः कोल्ड स्टोरेज में हर एक वस्तु नहीं रखनी चाहिये।जैसे केला कोल्ड स्टोरेज में सुरक्शित तो रहता परन्तु बाहर आते ही एक दिन से ज्यादा नहीं रखा जा सकता ,वह सड़ जाता है।सड़ी हुई वस्तु रोग फैलायेगी। इसमें कोई संकोच नहीं होना चाहिये।केवल रूपये ही कमाने का साधन तो हो सकता है रोग हटा ने का नही,व सड़ने से हटा ने का नहीं।किसी चीज की अछाई के साथ ,उसकी बुराईयों के दंड झेलने पड़ते है।जब तक की बुराईयों का ईलाज न निकाल लिया जाये।
अपने व्यवपार के हेराफेरी के तरीकों का इस्तेमाल करने के लिये लोगों के जीवन के साथझूठ बोलकर बिमारियों में न धकेले। जिसको तकलीफ होती है वे लोग ताजे फल सब्जियां बना कर खाये।जिसको न होती हो तो वे खा सकते हैं।अपने व्यवसाय चलाने के लिये झूठ बोलकर व्यवसाय न करे। रसोई गैस वाले भी झूठ बोलेगे कि ठंडी वस्तु को गर्म करने गैस ज्यादा खर्च न होती है। इसका गृहणी को एक फायदा होता है कि उसे दिन में दो बार खाना बनाने का झंझट नहीं होता है।गैस की बचत नहीं होती है जब गर्म करोगे खाने को फ्रीज में, गैस ज्यादा खर्च होगी।
