भारत का सबसे चर्चित पुल जिसका निर्माण आज तक पुरा नहीं हुआ है व सबसे महत्वपुर्ण भी है। यु तो लाखों पुल होगें जिन्हें बनाने से पहले नदी नालों में पहुंचा गये होगें। परन्तु मैं आपको एक ऐसे पुल के बारे में
बताऊंगा, जो आजादी के बाद बनी हर सरकार के मुख्य कार्यक्रम में शामिल था और है भी ,परन्तु हर सरकार ने वोटों के लालच में उस पुल को बनने ही नहीं दिया।यदि वह पुल बन जाये तो नेता की नीचतापूर्ण राजनीति स्वयं समाप्त हो जाये ही,यह बात कोई भी राजनेता नहीं चाहता है।यदि ढूढ़ कर नये नेता लाये तो ,वे पहले वालों से भी गये गुजरे मिलेगें।
उनके दिमाग में एक ही भूत रहता है यदि पुल बन गया तो तुम्हारी पूछ ही नहीं रहेगी। अब मैं उस पुल का नाम बता ने जा रहा हूं यदि कोई राजनेता यह संवाद पढे़ तो द्वेषभाव में नहीं आना। उस पुल का नाम है भारत भूमी को गरीबी से बाहर पुल करना।सबने खुब नारे दिये गरीबी हटाओ। लोग गरीब हटा कर छिक लिये ,परन्तु गरीबी व गरीबों की संख्या में लगातार बढोतरी ही देख ने को मिली।
मुफ्त में व सस्ते में गरीबों को हर वस्तु उपलब्ध करवाना। गरीबी व गरीबों की संख्या में बढोतरी करता है। सस्ते में हर वस्तु उपलब्ध होने पर करम कोई नहीं करना चाहता व न करता है। कहावत है pull up the down troden. यानि गरीबी में डूबने वालें मेंढकों को बचावों।यदि मेंढक बच गया तो सरकार के गीत गायेगा।यदि पुल नहीं बना तो मेंढक डूब मरेगा गरीबी में।
पता क्यों आजकल मेंढकों का बोल बाला बहुत है। हर गेम एपलिकेशन में मेंढक ही नजर आते हैं।बिलकुल आसान सा उपाय है गरीबों को दी जाने वाली सारी सुविधाये समाप्त कर दो ।३७० हटा ने से नहीं ,जातिवादि आरक्शण खत्म करने से देश से गरीबी हटेगी। नहीं तो ४०,००० रूपये की ग्रांट के लिये लोग टूटे झोपड़े के फोटो लेकर ,अपनी मानसिक्ता गरीबी की इतनी पक्की कर लेगें, जो कभी व किसी प्रकार भी नहीं हटेगी। नदी के पुल की तरह आप अमीर नहीं बन सकते । पुल बनाना बहुत कठीन कार्य होता है पता नहीं पानी को कहां दर्द होने लग जाये व नदी का भोजन न बन जाये।
