दुर्घटना का कारण कभी शराब को कह दिया मुख्य तौर पर कह दिया जाता है। लेकिन यह मुख्य कारण नहीं होता है। दिन के समय दुर्घटना होने के का कारण ज्यादातर लोगों की सोच से परे है।मैं आप को दो ऐसे कारण बताऊंगा जिससे कारण दूर घटना घटित होती है।
इन बातों को ड्राईवर के सिवाय कोई नहीं जानता है ।अधिकतर केशो में ड्राईवर मौत का शिकार हो जाता है तथा बताने के लिये कोई बचा ही नहीं होता है।यदि बच भी गया तो वह कानुनों की पेचिदगियों से बचने के रास्ते ढूढ़ने के चक्कर में रहता है।असली कारण भूल जाता है या छुपा लेता है। और ब्रेक फैल होने का कारण बता दिया जाता है।
पहला कारण आदमी का लालच मौत के मुंह में पहुंचा देता है। आम जन सोचते है कि लालच का ड्राईविंग से क्या सम्बंध है। इस लालच में नींद के कारण दुर्घटना होती है। रूपयों के लालच में ड्राईवर पूरी नींद नहीं ले पाता है।वह सोते हुये दिमाग के समय पर ड्राईविंग करता है तब दुर्घटना का शिकार बन जाता है। वह मंहगाई के जमाने में रात-दिन चलता रहता है कहीं बुकिंग उसके हाथ से न निकल जाये , बुकिंग तो मिल जाती लेकिन जीवन हाथ से निकल जाता है।
दूसरा अहम व मुख्य कारण है रात के समय और धूंध, कोहरा आदि के समय हो ने वाली दुर्घटना में धूंध का प्रतिशत केवल ५ के करीब हो सरकार है , वह भी तभी सम्भव जब धूंध में धूल व मिट्टी के कणों के भारी मात्रा होगी। अन्यथा धूंध में दुर्घटना नहीं के बराबर होने की सम्भावना है। धूंध में पानी के कणों के कारण हैड लाईट की रोशनी और ज्यादा होगी क्योंकि धूंध में पानीग ड्राईवर वाहन की डायनमों पर लाईट करवा लेते है । तथा बैटरी हटवा देते है ताकि पाँच- सात हजार रूपयों बच जाये। रूपये तो बच जाते हैं लेकिन ड्राईवर नहीं बच पाता है। डायनमों पर वाहन जब ब्रेक लेता है तो लाईट या तो बिलकुल ही बंध हो जाती है या इतनी कम हो जाती कि ड्राईवर को केबिन से बाहर कुछ भी दिखाई नहीं देता। व दुर्घटना का कारण बन जाता है कित नी ही गहरी धूंध हो १००फुट के करीब दूर तक दिखाई अवश्य देता है।
ये छूट भैये लालच दुर्घटना को न्यौता देते है।समय आने वाला है अपने लालच त्याग कर ,सुरक्शित घर,बाहर पहुँचये।
