सरकार के नेताओं व सरकारी अधिकारियों से सविनय निवेदन है जो दोनों प्रकार के लोग कभी मानते तो नहीं फिर भी कोशिश करके देख लेते हैं वैसे वे भरती लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिये । लेकिन है बढाते ही। अब किरमारा का नाम एक सरकारी नेता व कर्मचारी की वजह से एक रास्ते में कनोह को किरोडी़ या किरमारा लिखो।गलत पैसा उपयोग करने का दण्ड भूगतो। इसीलिये इसरो व भारतीय भी सरवेअ्क्स्न विभाग के लोग डाटा सही नहीं कर पा रहे हैं।
जब सरकारी कार्यालय से रिपोरट तलब की जाती है तो गलत मिलेगी । ग्रांट के गलत इस्तेमाल के कारण गांवों के नाम मैच नहीं करते है अतः भारत जाये भ्रष्ट देश में उपग्रह तकनीकी का सही प्रयोग सम्भव न के बराबर है । जैसे हालात चन्द्र यान के हुये थे । कहा की कहां लुड़क गया था। कित ने प्रकार के डाटा ठीक करोगे ।गलत करने वालों की फौज करोड़ों में। हकी तक में भारत का का कोई मालिक नहीं बन सकता । यदि कोई देश भारत पर कब्जा कर भी ले तो भी , भारतीयों के निक्कमें व गन्देंपन के कारण अपने आप छोड़ कर भाग जायेगा।
अंग्रेज भी भारतीयों के निक्कमें पन व वही हाल मुगलों का। निक्कमों को पिटते रहने से अच्छा देश छोडकर चले जाना है। वो निकल गये तथा छोटी सी जगह पर खुशी से कह रहे है।मुगले भारतीयों की तरह अडे़ पडे़ है अतः सडे़ पडे़।
ठेकेदार के बन्दे काम करने के लिये गांव पूछते तो असली गा़ंव की जगह नकली गांव मिलता है।
