देख भाई किसी के सिर पैर न पड़ जाये।यदि किसी के सिर पर पैर पड़ जाये तो दर्द होता है कि नहीं।यदि आप को पता नहीं है तो अपने सिर पर पैर रखवा कर देख लेना,पता चल जायगा कि दर्द का ईलाज क्यों जरूरी है।यह बात भारतीय और पाकिस्तानी दोनों प्रकार के लोगों को पता नहीं है।आये दिन सिर पर पैर रखने का ईलाज ढ़ूढा जा रहा है।
दोनों ओर की फौजे इस भयानक दर्द का ईलाज करने को सबने मरती देखी होगी,लेकिन समस्या ज्यो कि त्यो मुँह बाये सबको निगले को तैयार खड़ी है। इस ईलाज के लिये दोनों देश ने अरबो-खरब रूपये खर्च कर लिये,लेकिन ईलाज तो रूपये से तभी भी नहीं होता है। रूपये तो रोग जटिलता को बढ़ा देते हैं।यह शतप्रतिशत आजमाया हुया नुकसा है नुकसान से घर को लबालब भर देती है।
ईलाज तो बोला कि मैं तो मेरे तरीके से ही ठीक हूँगा । आप से एक रूपया भी नहीं लूंगा। केवल मेरे सिर से पैर हटा लो,तुम्हारे खर्च हुये रूपये लड़ाईयों में ,सब अपने आप पूरे कर हो जायेगे। तो पाकिस्तानी भाईयों से सलाह है तुम बेमतलब में मरते हो।तथा धन -दौलत बरबाद करते हो । सिर किसी कैकयी का जो भारतीयो की माँ। तथा भारत में ९०% लोग सिर दर्द के शिकार है।उनका ईलाज भी वही है।
इन लोगों ने पाकिस्तान की तरह दूसरों के सिर पर पैर रख रखा है।और ईलाज ढूँढते फिरते हैं , ईलाज उन स्वयं के पास है जिस प्रकार हिरण कसतूरी के लिये घूमता है।बाकि अगले दौर में ईलाज।
