वैसे तो दुनिया अपने जन्म बंधन पर चलती है, परन्तु समाज के निर्माण के नियमों में बंधन कर ही एक सशक्त समाज व सरकार का एक सुदृढ़ हिस्सा देश के नागरिक बन सकते है। साँझे हितो पर आधारित सरकार के नियमों का पालन कर के ही एक अच्छा राजनेता बन सकता है जो कि कोई आदमी नियमों और अनुशासन में बंध कर हासिल कर सकता है। अब सरकार चलाने के लिये रूपयों तथा शर्म बंधन के मनुष्यों की आवश्यकता होती है ।जिनको क्रमश बजट व रोजगार कहते है।प्रजातान्त्रिक राज व्यवस्था हर हर मनुष्य सरकार का हिस्सा होता , जो राजकीय क्षेत्र की सीमाओं में रहता है। अतः वह सरकार पड़ने वाले वित्तीय भार वहन करने का जिम्मेदार नागरिक होता है।
सरकार में बैठे और बाहर बैठे अहम राजनीति के किरदारोंं से सलाह की अपने आप को शक्तिशाली राजनेता व नागरिक बनने के लिये अपने क्रियाकलापों को सच्चाई व ईमानदारी के साथ अपने हित में पहले फिर देश के हित में करें। क्योकि यदि आप रहोगे तो देश रहेगा ,यदि आप ही नहीं रहे तो देश का कोई औचित्य नहीं रहेगा।आपको बचाने के लिये देश बचाना जरूरी है, उसके दुशमनों बचने के लिये सेना आदि पर खर्च करना पड़ता है उसके रोजगार कहते है। खर्च का रूपया कहा से आयेगा,इसका कारगर उपाय पढ़ो। सरकार सभी प्रकार के करों की वसुली सुनिश्चित करे और जनता के हित में दो-तीन दिन बाद कर वसुली का २५ से ५० प्रतिशत रूपये कैशबैक के रूप में वापिस कर दें ताकि सरकार का खर्च और जनता का खर्च सन्तुलित तरीके से चल सके।इसके लिये दोनों पक्षों को ईमानदार बनना पड़ेगा। एक बार नियम से सामज्शय की गाड़ी पटरी आगई तो फिर किसी प्रकार के वित्तीय घाटे की चिन्ता व स्थिती नहीं आयेगी।लोग खुशी के साथ कर की आदायगी अपने व देश के हित फटाफट कर देंगे। जनता के समपन्नता व भाग्य को सुनिश्चित करने के लिये लाटरी मेलों का आयोजन करे। यह दोनों के हित में है।
