मैं पिछले पचीस वरषो से देश के लोगों को गुमराह करने वाले बन्द लिफाफे की कहानी की ओर हरियाणा के बासिन्दो का ध्यान केन्दिर्त करना चाहता हूँ।अभी हरियाणा में हर पाँच वर्ष में मनाया जाने वाली त्योहार आने वाली है ,जिसमें पागल खाने के खेल की तरह के खेल खेले जा़येगे।उन खेले में बढ़ चढ़ घोषणाये कि जायेगी।आपको इस बात का पुरा पुरा ध्यान रखना होगा अन्यथा आपको हार का सामने करना पडे़गा,और दोबरा लाटरी का टिकट पाँच वर्ष बाद मिलेगें,जी हाँ।. बन्द लिफाफे शुभ मूहरत करदू ताकि आप के सिर हो कहा दर्द खत्म हो जाये।बात दुनिया में जाने जा वाली नदी सतलुज की कहानी है जिसका अपना सत न हो, वह औरों में सत कहाँ से पैदा कर देगी। मैं अभी इसी लेख में इसकी खुलासा करूगा। सतलुज का अर्थ होता है जिसके शरीर,जुबान में सत न हो,या यू कहे कि झूठी या झूठा।यदि आप झूठ्ठे लोगो के पास उठते-बैठते,खाते-पिते हो तो समझो ,गये काम से।तो मैं पशि्चमी हरियाणा के लोगो की हकीकत बता दूँ।कि हरियाणा के मेहनती लोग इतने झूठ्ठे क्यों हो गये है।यह हादसा मेंरे साथ भी हूआ है तथा उस का इलाज़ ढूढते मुझे करीब तेतीस वर्ष बीत गये।आज जा कर मुल कारण मिला है।पहला झूठ्ठे शब्दों,दूसरा सच्च।होना चाहिय़े था पहला सच्च,दूसरा झूठ।यह अनादि काल की सच्चाई है।. अब,यदि कोई नेता आपको सतलुज का पानी सामने की बात करो तो उस नेता को शतपर्तिशत झूठी करार कर देना। क्यों कि सतलुज का पानी तो हरियाणा ही नहीं ,राजस्थान को भी मिलता हुये चालिस साल से ज्यादा समय हो लाया है। समस्या है सतलुज यमुना लिंक नहर के निर्माण की।क्योंकि पूर्वी हरियाणा में यमुना नदी का जल सिंचाई व दुसरे कार्यों में होता है।बैरानी व रेतीले श्छेतर के लिए आबन्टित था।दुसरा अहम सवाल यह हैकि कुछ लोगो तक झुठ समित क्यों न करे।सारे लोगो को झूठा ,करने की बजाय शपथ से कि झूठ को जड़ से खत्म करे। विश्वास के लोगो से इसी उम्मीद के साथ लेख को विराम देती हूँ ।लो की अपेक्शयों के साथ ,धन्यबाद।
