तम्बाकू दिवस पर अब कुछ नहीं बचा है।
ले गए बिहारी ,देश हटा है
खाने को ना रोटी , तम्बाकू खाने पर
बिहारी एक डटा है।
खाने को दे दो एक पुड़िया तम्बाकू
एक बिहारी आन खट्टा है।
अपने पास नहीं है तम्बाकू
कैंसर एक रोग पड़ा है बाकि
ले जा जब आन पड़ा है।
मजा तो बहुत आयेगा ,
जब तू कैंसर से बड़ा चिल्लायेगा।
तम्बाकू तुझे रोज ऐसे
मजे दिलायेगा।
तम्बाकू पीना नहीं निषेध लिखा है
हानिकारक है लिखा निषेध स्वस्थ को
हानिकारक रूपया तम्बाकू का
कर्मों नहीं लिखा हिसाब बनिये का।
देखूं तो क्या बचा है हाट पर
अमेजन की बात पर।
सिगरेट मिलेगी करता,
